Amaravati Case: महाराष्ट्र के अमरावती से सामने आए कथित यौन शोषण के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस जांच में अब जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे न केवल हैरान करने वाले हैं बल्कि इस पूरे मामले की गंभीरता को भी उजागर करते हैं. शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी अयान अहमद और उजैर खान के बीच एक तरह की ‘प्रतिस्पर्धा’ चल रही थी, जिसमें वे यह साबित करने की कोशिश कर रहे थे कि कौन ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसा सकता है.
आरोपियों के बीच ‘रेस’ ने बढ़ाया अपराध का दायरा
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के बीच आपसी होड़ इस कदर बढ़ गई थी कि यह एक खतरनाक खेल का रूप ले चुकी थी. जांच में सामने आया है कि अयान अहमद लड़कियों को अपने संपर्क में लाकर उनके साथ आपत्तिजनक हरकतों के वीडियो बनाता था और फिर ये वीडियो उजैर खान को भेजता था.
यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हो गया. इसी विवाद के चलते उजैर खान ने कथित तौर पर गुस्से में आकर अयान के पास मौजूद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया.
सोशल मीडिया के जरिए बनाता था ‘इमेज’
जांच में यह भी सामने आया है कि अयान अहमद ने लड़कियों को फंसाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल एक रणनीति के तहत किया. उसके पिता सेकंड हैंड कारों के कारोबार से जुड़े हैं, और आरोपी इन गाड़ियों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था.
इन पोस्ट्स के जरिए वह खुद को एक प्रभावशाली और संपन्न व्यक्ति के रूप में दिखाता था, जिससे लड़कियां प्रभावित होती थीं और उसके संपर्क में आ जाती थीं.
दो साल से सक्रिय, पिछले छह महीनों में बढ़ी गतिविधियां
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. जांच में यह भी सामने आया है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से सोशल मीडिया पर सक्रिय था. हालांकि, बीते छह महीनों के दौरान उसकी गतिविधियां तेजी से बढ़ीं.
इस दौरान उसने कई लड़कियों से ऑनलाइन दोस्ती की, जिसके बाद मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ और फिर कथित शोषण की घटनाएं सामने आईं.
फ्लैट को किया गया सील
पुलिस के अनुसार, जिन वीडियो के वायरल होने से मामला सामने आया, वे पिछले चार से छह महीनों के भीतर बनाए गए थे. अमरावती शहर के कठोरा नाका इलाके में स्थित एक फ्लैट में इन घटनाओं को अंजाम दिया गया था.
पुलिस ने इस फ्लैट को सील कर दिया है और आगे की जांच के लिए आरोपियों को यहां लाया जा सकता है. फ्लैट के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है और यदि उसकी संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
अब तक 8 पीड़ितों की पहचान, संख्या बढ़ने की आशंका
शुरुआती जांच में अब तक 8 पीड़ितों की पहचान की गई है. इनके साथ जुड़े 18 वीडियो और 39 फोटो पुलिस के हाथ लगे हैं. हालांकि, जांच एजेंसियों को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या इससे अधिक हो सकती है.
इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
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