Generation Z Protests Peru: पेरू की राजधानी लीमा की सड़कों पर रविवार को सैकड़ों युवा एक नई क्रांति का आगाज़ करते दिखे. ‘जेनरेशन जेड’ नाम के युवा आंदोलन ने राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और विवादास्पद पेंशन सुधारों को लेकर युवाओं का गुस्सा इस कदर फूटा कि राजधानी के कई हिस्सों में हालात बेकाबू हो गए.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की. हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ ने कांग्रेस और कार्यकारी भवन तक पहुंचने की कोशिश की. पेरू पुलिस के अनुसार, झड़पों में कम से कम तीन अधिकारी घायल हुए हैं.
क्या है युवाओं की मांग?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश में लोकतंत्र कमज़ोर होता जा रहा है, और सरकार जबरदस्ती फैसले थोप रही है. आज हमारा लोकतंत्र पहले से भी ज़्यादा कमज़ोर हो गया है. डर और जबरन वसूली के माहौल में जीना पड़ रहा है. दूसरे प्रदर्शनकारी ने कहा, "कांग्रेस ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है. उनके पास अब जनता का जनादेश नहीं है."
क्यों भड़के युवा?
दरअसल, हाल ही में पारित एक कानून के मुताबिक अब युवा वयस्कों को निजी पेंशन फंड से जुड़ना अनिवार्य कर दिया गया है, भले ही वे अस्थिर या असुरक्षित कार्य वातावरण में काम कर रहे हों. इस फैसले ने युवाओं में जबरदस्त असंतोष भर दिया है, जिन्हें पहले से ही बेरोज़गारी और महंगाई जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
क्या है 'जेनरेशन Z' आंदोलन?
जेनरेशन जेड यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा, जिन्हें टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली और सोशल मीडिया एक्टिव माना जाता है. यह ग्रुप अब पेरू में एक सशक्त विरोध शक्ति के रूप में उभर रहा है और सरकार के खिलाफ तेज़ होते असंतोष का नेतृत्व कर रहा है. जहां एक ओर पेरू सरकार आर्थिक सुधारों की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं का मानना है कि ये नीतियां जनता की आवाज को दबाने की साजिश हैं. आने वाले दिनों में अगर सरकार ने संवाद का रास्ता नहीं अपनाया, तो ‘जेनरेशन जेड’ का यह विरोध और तेज़ हो सकता है.
यह भी पढ़ें- GST Rate Cut: क्या सस्ते होंगे मोबाइल और लैपटॉप? खरीदने से पहले इन बातों पर रखें खास ध्यान