अफगानिस्तान में पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में घरों और मदरसों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई आम नागरिकों की जान गई है. इस घटना के बाद तालिबान सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को जवाब देने की चेतावनी दी है.
तालिबान का सख्त जवाब देने की तैयारी
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पक्तिका और नंगरहार में हुए हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. मंत्रालय ने कहा कि इस कार्रवाई का “समय पर, सटीक और सोच-समझकर” जवाब दिया जाएगा. साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और पड़ोसी देशों के संबंधों के खिलाफ बताया गया है.
पाकिस्तान में अफगानिस्तान के पूर्व राजदूत अब्दुल सलाम जईफ ने इन हमलों की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है और एक अन्यायपूर्ण कदम है. उनका आरोप है कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों को छिपाने के लिए निर्दोष लोगों को निशाना बना रहा है.
नागरिकों को बनाया गया निशाना- तालिबान
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने नंगरहार और पक्तिका में आम लोगों पर बमबारी की. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग मारे गए हैं. उनका कहना है कि ऐसे हमले पाकिस्तान की सुरक्षा और खुफिया तंत्र की कमजोरियों को छिपा नहीं सकते.
F-16 और JF-17 विमानों से हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान वायुसेना ने रविवार तड़के एफ-16 और जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमानों से डूरंड लाइन के पास कई ठिकानों पर बमबारी की. पक्तिका के बरमल जिले में कई विस्फोट हुए, जबकि मारघा इलाके में लगातार धमाके सुने गए. जानकारी के अनुसार, बनूसी मदरसे को भी निशाना बनाया गया. कुल सात स्थानों पर हमले की बात सामने आई है, हालांकि हताहतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
पाकिस्तान का कहना है कि हाल के आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान की जमीन से सक्रिय आतंकी संगठन जिम्मेदार हैं. इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए हमलों, खासकर बन्नू में मारे गए पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के बाद यह कार्रवाई की गई है.
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