Ludhiana ISI Spy: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलरों के लिए जासूसी करने के आरोप में लुधियाना पुलिस ने गुरदासपुर के 20 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार युवक की पहचान फतेहगढ़ चूड़ियां, गुरदासपुर निवासी रछपाल सिंह के तौर पर हुई है.
पुलिस के मुताबिक, रछपाल ने करीब दो महीने पहले लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर किराये की एक दुकान ली थी. वहां उसने चार चीनी सीसीटीवी कैमरे लगाए और उनकी लाइव फीड पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों तक पहुंचा रहा था. इन कैमरों से बद्दोवाल कैंटोनमेंट और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही थी.
पुलिस ने रछपाल के खिलाफ थाना सराभा नगर में आफिशियल सीक्रेट एक्ट, 1923 की धाराओं 3, 4, 5 और 9 के साथ बीएनएस की धारा 61(2) के तहत केस दर्ज किया है. डीसीपी इन्वेस्टिगेशन हरपाल सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि पुलिस को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है.
जूतों की दुकान ली, लेकिन कैमरे लगाने पर था ध्यान
पुलिस के अनुसार, रछपाल ने लुधियाना-फिरोजपुर रोड पर एक निजी अस्पताल के सामने दुकान किराये पर ली थी. वह इसी इमारत की तीसरी मंजिल पर रहता था. उसने यहां जूतों की दुकान शुरू की थी, लेकिन दुकान नियमित रूप से नहीं खोलता था. पुलिस की जांच में सामने आया कि उसने दुकान के बाहर ऐसी जगह पर कैमरे लगवाए थे, जहां से लुधियाना-फिरोजपुर रोड का बड़ा हिस्सा दिखाई देता था.
पुलिस को चार कैमरों के बारे में जानकारी मिली है. इन कैमरों में मेमरी कार्ड भी लगे थे. बताया जा रहा है कि कैमरों का एक्सेस मोबाइल एप के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को दिया गया था. रछपाल ने कैमरों की यूजर आईडी और पासवर्ड भी उनके साथ साझा किए थे.
पुलिस के मुताबिक, इसके बदले उसे करीब ढाई से तीन लाख रुपये मिलने की बात सामने आई है. आसपास के दुकानदारों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर से दो ट्रक सामान ले जाया गया था. इनमें बड़े बैग भी शामिल थे. अब पुलिस दुकान के मालिक और किराये से जुड़ी प्रक्रिया की भी जांच कर सकती है कि आरोपी की पहचान और वेरीफिकेशन ठीक तरीके से हुई थी या नहीं.
जेल में बंद नशा तस्कर से जुड़ा पाकिस्तान कनेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रछपाल का संपर्क डेरा बाबा नानक के एक व्यक्ति के जरिए जेल में बंद एक नशा तस्कर से हुआ था. सूत्रों के अनुसार, इस नशा तस्कर के संबंध पाकिस्तान में बैठे आईएसआई से जुड़े हैंडलरों से बताए जा रहे हैं.
पुलिस को शक है कि इसी नेटवर्क के जरिए रछपाल को लुधियाना में कैमरे लगाने का काम दिया गया था. अब जांच एजेंसियां पता लगा रही हैं कि डेरा बाबा नानक का वह व्यक्ति कौन है और जेल में बंद नशा तस्कर के जरिए रछपाल पाकिस्तान में बैठे लोगों के संपर्क में कैसे आया.
पुलिस के मुताबिक, रछपाल के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी का मामला दर्ज है. जांच एजेंसियों को शक है कि जेल में रहने के दौरान ही वह पाकिस्तान से जुड़े लोगों के संपर्क में आया हो सकता है.
बद्दोवाल कैंट से करीब 6 किलोमीटर दूर थी दुकान
जिस जगह कैमरे लगाए गए थे, वह बद्दोवाल कैंटोनमेंट से करीब छह किलोमीटर दूर बताई जा रही है. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैमरों की लाइव फीड से सिर्फ सड़क और आसपास के इलाकों की निगरानी हो रही थी या सैन्य क्षेत्र से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी भी पाकिस्तान भेजी गई.
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन, कैमरों, डीवीआर और दूसरे स्टोरेज डिवाइस की जांच की जा रही है. इसके अलावा मोबाइल एप और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जा रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कैमरे कहां से खरीदे गए और उन्हें लगाने में किसने मदद की. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का मुख्य निशाना कैंटोनमेंट इलाका था, हालांकि अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
करीब चार साल से गांव से बाहर रह रहा था रछपाल
रछपाल सिंह उर्फ भाला सरफ कोट गांव का रहने वाला है और पांच भाइयों में से एक है. उसके चार भाई अमृतसर में कुली का काम करते हैं. रछपाल पिछले करीब चार साल से गांव से बाहर रह रहा था और कभी-कभार ही गांव आता था.
बताया जा रहा है कि परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है. परिवार का कहना है कि रछपाल के खिलाफ पहले कोई मामला दर्ज नहीं था. हालांकि, पुलिस ने उसके खिलाफ पहले से नशा तस्करी का मामला दर्ज होने की पुष्टि की है.
तीन महीने में सामने आया तीसरा ऐसा मामला
मई 2026 में पठानकोट के चक्क धारीवाल गांव के रहने वाले एक व्यक्ति को इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया गया था. आरोप था कि उसने नेशनल हाईवे-44 के पठानकोट-जम्मू हिस्से में एक दुकान पर चीनी सीसीटीवी कैमरा लगाया था. इस कैमरे का एक्सेस भी पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को दिया गया था.
इसके बाद जुलाई में कपूरथला के माडल टाउन इलाके में बिजली के खंभे पर एक कैमरा लगा मिला था. जांच के बाद पुलिस ने फिरोजपुर के रहने वाले सुखविंदर सिंह, उसके बेटे और संदीप सिंह को गिरफ्तार किया था. उस मामले में भी कैमरे के पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध हैंडलरों से कनेक्शन की जांच की गई थी. लुधियाना में सामने आए ताजा मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन तीनों मामलों के पीछे एक ही नेटवर्क काम कर रहा है.
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