वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के इमिग्रेशन अधिकारियों ने वर्जीनिया से भारतीय छात्र बदर खान सूरी को गिरफ्तार किया है. सूरी पर आरोप है कि वह हमास के समर्थन में प्रचार कर रहा था. अधिकारियों के मुताबिक, उसकी गतिविधियां अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों के खिलाफ पाई गई हैं, जिससे उसे देश से निर्वासित किया जा सकता है.
भारतीय छात्र बदर खान सूरी पर लगे आरोप
बदर खान सूरी जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टोरल फेलो के रूप में अध्ययन कर रहा था. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की सहायक सचिव ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि सूरी सोशल मीडिया पर यहूदी विरोधी संदेश फैलाने और हमास के समर्थन में प्रचार करने में संलिप्त था.
भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन का वीजा रद्द
हाल ही में कोलंबिया यूनिवर्सिटी की भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन का वीजा भी इसी तरह के आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया था. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह हिंसा और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में शामिल थीं. वीजा रद्द होने के बाद उन्होंने अमेरिका छोड़ दिया. श्रीनिवासन को F-1 स्टूडेंट वीजा पर अर्बन प्लानिंग में PhD करने की अनुमति मिली थी, लेकिन 5 मार्च को उनका वीजा रद्द कर दिया गया और 11 मार्च को वह स्वदेश लौट गईं.
कोलंबिया यूनिवर्सिटी पर सख्ती, फंडिंग रोकी गई
ट्रम्प प्रशासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी को 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 33 अरब रुपये) की संघीय अनुदान राशि देने पर रोक लगा दी है. यह कदम विश्वविद्यालय में यहूदी छात्रों के खिलाफ हो रहे कथित भेदभाव और विरोध प्रदर्शनों को रोकने में नाकाम रहने के कारण उठाया गया.
संयुक्त टास्क फोर्स, जिसमें अमेरिकी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग, न्याय विभाग और सामान्य सेवा प्रशासन शामिल हैं, ने इस मामले की जांच के बाद यह निर्णय लिया. राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी विश्वविद्यालय यहूदी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता है, तो उसकी संघीय वित्तीय सहायता रोक दी जाएगी.
अन्य गिरफ्तारियां और निर्वासन की संभावना
अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक फिलिस्तीनी छात्रा लेका कोर्डिया को भी हिरासत में लिया है, जो 2022 से एक्सपायर्ड स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रह रही थी. उसे कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हमास समर्थक विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण गिरफ्तार किया गया.
इसके अलावा, कोलंबिया यूनिवर्सिटी के स्नातक छात्र महमूद खलील को भी हिरासत में लिया गया है. खलील पर इजराइल विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने का आरोप है. उसे एक डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है और उसके निर्वासन की संभावना जताई जा रही है.
अमेरिकी प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय परिसरों में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, और ऐसे मामलों में जांच प्रक्रिया और सख्त हो सकती है.
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