गाजा: इजराइल और फिलिस्तीनी संगठन हमास के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर एक बार फिर से शांति वार्ता की संभावनाएं उभर रही हैं. रिपोर्टों के अनुसार, हमास ने 50 दिनों के युद्धविराम के बदले में पांच इजराइली बंधकों की रिहाई की पेशकश की है. यह प्रस्ताव मिस्र और कतर के मध्यस्थता प्रयासों के तहत आया है.
हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या ने शनिवार को घोषणा की कि संगठन ईद के अवसर पर पांच बंधकों को रिहा कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्धविराम के बदले इजराइल को सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना होगा.
इजराइल की प्रतिक्रिया और नई शर्तें
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमास के नेताओं को पहले अपने हथियार डालने होंगे, तभी उन्हें गाजा छोड़ने की अनुमति दी जाएगी. इससे पहले, इजराइल ने हमास के प्रस्ताव के जवाब में अपने स्वयं के शर्तों वाला एक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया था.
गौरतलब है कि इजराइल और हमास के बीच पिछला संघर्ष विराम 19 जनवरी को कतर में हुआ था, लेकिन 18 मार्च को इजराइली हवाई हमले के बाद यह समाप्त हो गया.
बंधकों की स्थिति
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल अभी भी हमास की कैद में जीवित 24 बंधकों में से 10 की रिहाई पर जोर दे रहा है. इजराइली अधिकारियों का दावा है कि कुल 58 बंधक हमास के कब्जे में हैं, जिनमें से 34 की मौत हो चुकी है.
खलील अल-हय्या ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि जब तक इजराइल गाजा पर नियंत्रण की कोशिशें जारी रखेगा, तब तक हमास अपने हथियार नहीं डालेगा.
संघर्ष में जान-माल की क्षति
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के आंकड़ों के अनुसार, 25 मार्च तक गाजा में 50,000 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं, जबकि 113,000 से अधिक घायल हुए हैं.
दिसंबर में शुरू हुआ संघर्ष विराम जनवरी में समाप्त हो गया था, जिसके बाद इजराइल ने फिर से गाजा पर सैन्य हमले तेज कर दिए. इन नए हमलों में अब तक 673 लोगों की जान जा चुकी है.
हमास के खिलाफ गाजा में बढ़ता असंतोष
गाजा में हाल ही में हमास के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में वृद्धि देखी गई है. हजारों लोग सड़कों पर उतरकर ‘हमास बाहर जाओ’, ‘हमास आतंकी है’, और ‘जंग खत्म करो’ जैसे नारे लगा रहे हैं.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे इस संघर्ष से तंग आ चुके हैं और चाहते हैं कि हमास सत्ता छोड़ दे. हालांकि, हमास के हथियारबंद लड़ाकों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को तितर-बितर करने की कोशिश की और कई स्थानों पर झड़पें भी हुईं.
इन प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ है.
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