ट्रंप के 'तेवर' से यूरोप की हालत खराब, आम जनता के हाथों में होगी बंदूक; युद्ध की तैयारियां तेज

यूरोपीय नेताओं ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और रक्षा बजट में तत्काल वृद्धि की घोषणा की.

Trump has worsened Europe guns will be in the hands of common people
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूक्रेन से अपनी दोस्ती तोड़ने और यूरोप के देशों से अब कोई वित्तीय मदद न करने की घोषणा के बाद से यूरोपीय देश चौंक गए हैं. अब तक, अमेरिका यूरोपीय देशों की रक्षा में हमेशा तत्पर रहा था, जहां अमेरिकी फाइटर जेट्स, आर्मी और सैन्य उपकरण उनके सुरक्षा के लिए हर वक्त उपलब्ध रहते थे, लेकिन ट्रंप के ताजे बयान ने यूरोप के देशों को चिंतित कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अब यूरोपीय देशों के रक्षा में एक भी डॉलर खर्च नहीं करेंगे.

इस नए घटनाक्रम ने यूरोपीय यूनियन को मजबूर किया है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाएं. यूरोपीय नेताओं ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और रक्षा बजट में तत्काल वृद्धि की घोषणा की. इसके अलावा, पोलैंड ने अपने नागरिकों को हथियारों की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है, और अन्य यूरोपीय देशों जैसे फ्रांस और जर्मनी भी अपने सैन्य तैयारियों को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. ब्रिटेन के आर्मी चीफ भी पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि सभी नागरिकों को आर्म्स ट्रेनिंग दी जानी चाहिए ताकि किसी भी अप्रत्याशित हमले से निपटा जा सके.

यूरोपीय देशों की रक्षा तैयारियां:

पोलैंड: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने हाल ही में संसद में घोषणा की कि अब पोलैंड में सभी पुरुषों को युद्ध के लिए सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा. पोलैंड अपनी सेना को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख तक करने की योजना बना रहा है. पोलैंड अपनी रक्षा के लिए 5% अतिरिक्त बजट बढ़ाएगा और युद्धक टैंक, जेट और हेलीकॉप्टर खरीदने की योजना बना रहा है.

यूरोपीय यूनियन: यूरोपीय यूनियन के 27 देशों ने मिलकर एक अतिरिक्त 800 बिलियन यूरो का रक्षा बजट मंजूर किया है. इनमें से 150 बिलियन यूरो का उपयोग नए हथियारों और गोला-बारूद की खरीद के लिए किया जाएगा.

हंगरी: हंगरी ने अपनी सेना को आधुनिक बनाने और मजबूत करने के लिए "Zrínyi 2026" नामक एक अभियान शुरू किया है. हंगरी ने जर्मनी से टैंक और तोपें, अमेरिका से एयर डिफेंस सिस्टम, और स्वीडन से लड़ाकू विमान खरीदने का निर्णय लिया है.

जर्मनी: जर्मनी अपनी रक्षा के लिए 100 बिलियन यूरो का निवेश करने जा रहा है. चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बताया कि वे बैंकों से मिलने वाले कर्ज को आसान बनाएंगे और अधिक से अधिक हथियारों का निर्माण करेंगे. यह फैसला जर्मनी के युद्ध की तैयारियों को लेकर था, जैसा कि हाल के लीक दस्तावेजों में बताया गया था.

फ्रांस: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने अपनी रक्षा बजट को जीडीपी का 3-3.5% तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके तहत नए हथियार, युद्धक उपकरण और साइबर सुरक्षा के लिए एआई आधारित तकनीक विकसित करने पर खर्च किया जाएगा.

ये भी पढ़ेंः लड़की के होंठ छूना, दबाना या बगल में सोना क्राइम नहीं? दिल्ली हाइकोर्ट ने सुनाया ये फैसला