Surjewala clarification on viral video
नई दिल्लीः बुधवार को जनसभा कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बीजेपी सांसद हेमा मालिनी पर विवादित टिप्पणी की. इसका एक वीडियो भी सामने आया जो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल हो रहे इस वीडियो पर कांग्रेस पार्टी नेता सुरजेवाला का स्पष्टीकरण ( Surjewala clarifaction on viral video ) सामने आया है.
बीजेपी ने किया वार
बता दें कि सुरजेवाला की वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी कांग्रेस नेता पर लगातार हमलेवार है. वहीं मामला गरमाने के बाद कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि भाजपा की IT Cell को काट-छांट, तोड़-मरोड़, फ़र्ज़ी-झूठी बातें फ़ैलाने की आदत बन गई है.
भाजपा की IT Cell को काट-छांट, तोड़-मरोड़, फ़र्ज़ी-झूठी बातें फ़ैलाने की आदत बन गई है, ताकि वो हररोज़ मोदी सरकार की युवा विरोधी, किसान विरोधी, गरीब विरोधी नीतियों-विफलताओं व भारत के संविधान को ख़त्म करने की साज़िश से देश का ध्यान भटका सके।
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) April 4, 2024
पूरा वीडियो सुनिए - मैंने कहा "हम तो… pic.twitter.com/hEtJYaswzE
सुरजेवाला ने किया पलटवार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा की IT Cell को काट-छांट, तोड़-मरोड़, फ़र्ज़ी-झूठी बातें फ़ैलाने की आदत बन गई है, ताकि वो हररोज़ मोदी सरकार की युवा विरोधी, किसान विरोधी, गरीब विरोधी नीतियों-विफलताओं व भारत के संविधान को ख़त्म करने की साज़िश से देश का ध्यान भटका सके. इसी के साथ उन्होंने पूरा वीडियो अपने अकाउंट से साझा किया है.
इस वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा वीडियो सुनिए - मैंने कहा "हम तो हेमा मालिनी जी का भी बहुत सम्मान करते हैं। क्योंकि वो धर्मेंद्र जी से ब्याह रखी हैं, बहु हैं हमारी. " भाजपा के महिला विरोधी प्यादों को ये वीडियो काटने का आदेश तो मिला, पर इन्हीं प्यादों ने प्रधानमंत्री से कभी यह नहीं पूछा कि उन्होंने - हिमाचल में "50 करोड़ की गर्ल फ्रेंड" क्यों कहा?संसद में एक महिला MP को “शूर्पणखा” की संज्ञा क्यों दी? एक महिला CM को भद्दी तरह से ट्रोल क्यों किया? क्या “कांग्रेस की विधवा” कहना सही है? क्या कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को “जरसी गाय” कहना सही है?
सभी की जवादेही तय होनी चाहिए
उन्होंने पोस्ट आगे लिखते हुए कहा कि मेरा बयान केवल इतना था कि सार्वजनिक जीवन में सभी की जनता के प्रति जवाबदेही तय होनी चाहिए, चाहे वो नायब सैनी जी हों, या खट्टर जी या में ख़ुद.सब अपने काम के दम पर बनते-बिगड़ते हैं, जनता सर्वोपरि है, और चुनाव में उसे अपने विवेक का इस्तेमाल कर के चुनाव करना होता है. न तो मेरी मंशा हेमामालिनी जी के अपमान की थी और न ही किसी को आहत करने की. इसीलिए मैंने साफ़ कहा कि हम हेमामालिनी जी का सम्मान करते हैं और वो हमारी बहू हैं. भाजपा खुद महिला-विरोधी है, इसीलिए वो हर कुछ महिला-विरोध के चश्में से देखती-समझती है, और अपनी सहूलियत के अनुसार झूठ फैलाती है.