नई दिल्ली, भारत24 डिजिटल डेस्क: भारतीय संस्कृति में मुहूर्त का बहुत अधिक महत्व है. खासकर हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले मुहूर्त का खास ध्यान रखा जाता है. ऐसी मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य सफल और शुभ फलदायी होता है. इसलिए ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर शुभ या अशुभ मुहूर्त की गणना की जाती है. हमारे जीवन में कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए.
हिंदू धर्म में 16 संस्कार होते हैं, जिनमें बच्चे के जन्म के बाद पहला संस्कार नामकरण होता है. बच्चे का नामकरण करने के लिए शुभ घड़ी का ध्यान रखना चाहिए. इसके लिए चित्रा नक्षत्र, स्वाति, हस्त, अश्विनी, रोहिणी, अनुराधा, शतभिषा, उत्तरा और पुष्य नक्षत्र शुभ माना जाता है. वहीं गुरुवार, शुक्रवार और सोमवार का दिन भी नामकरण के लिए शुभ होता है.
सनातन पद्धति में कोई भी जमीन खरीदने के समय उसका भूमि पूजन करवाने की परंपरा है. ऐसी मान्यता है कि भूमि पूजन के बाद उस जमीन पर बने घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है. इसके लिए रविवार और मंगलवार को छोड़कर बाकी सभी दिन शुभ माने जाते हैं. वहीं नक्षत्र की अगर बात करें तो पुष्य, हस्त, रेवती, उत्तरा, मृगशिरा, रोहिणी और अश्विनी नक्षत्र में भूमि पूजन करना चाहिए.
घर का निर्माण कार्य आरंभ करवाने से पहले आपको शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए. मान्यता है कि कृष्ण पक्ष में निर्माण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए. इसके लिए शुक्ल पक्ष बेहतर माना गया है. वहीं मंगलवार और रविवार को घर की नींव नहीं रखना चाहिए, इसके अलावा शनिवार को निर्माण कार्य आरंभ करना शुभ होता है.
गृह प्रवेश के लिए आषाढ़, श्रावण, अश्विन, भाद्रपद और पौष महीने में गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए. इसके लिए माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ महीने में गृह प्रवेश करना शुभ होता है.