नई दिल्ली, धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2023) बेहद शुभ माना गया है. इस दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि जो लोग इस दिन सच्चे भाव के साथशिव की अराधना करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस साल 2023 में दिसंबर का पहला प्रदोष व्रत 10 दिसंबर दिन रविवार को रखा जाएगा. रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को रवि प्रदोष व्रत (Ravi Pradosh vrat) के नाम से जाना जाता है.
प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत 10 दिसंबर दिन रखा जाएगा.
कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी शुरुआत- 10 दिसंबर, सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर होगी
इसका समापन- 11 दिसंबर, सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर होगा.
प्रदोष व्रत 10 दिसंबर को रखा जाएगा
प्रदोष व्रत का महत्व
- सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का बड़ा ही धार्मिक महत्व है.
- माना जाता है कि जो लोग इस शुभ दिन पर व्रत रखते हैं उन्हें समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.
- इस दिन भगवान शिव के नटराज रूप की भी पूजा की जाती है.
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान भोलेनाथ ने तांडव करके राक्षस अप्सरा पर विजय प्राप्त की थी.
- भगवान शिव के नृत्य रूप को नटराज के रूप में जाना जाता है.
दिसंबर का दूसरा रवि प्रदोष व्रत 2023
दिसंबर माह का दूसरा और इस साल का आखिरी रवि प्रदोष व्रत 24 दिसंबर 2023, रविवार के दिन रखा जाएगा.
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 24 दिसंबर 2023, सुबह 06. 24 मिनट पर शुरू होगी
इसका समापन- 25 दिसंबर 2023, सुबह 05,54 मिनट पर होगा.