Uttarakhand: प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं जा रहे कांग्रेसी, भाजपा ने लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

Uttarakhand: प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं जा रहे कांग्रेसी, भाजपा ने लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

देहरादून, भारत 24 डिजिटल डेस्क: अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा (Pran Pratishtha) को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल छाया हुआ है. चारों तरफ हर कोई रामलला (Ram Mandir Ayodhya) के आगमन की तैयारियों में जुटा हुआ है. प्राण प्रतिष्ठा से पहले आज बीजेपी सफाई अभियान (Cleaning Drive) शुरू करने जा रही है. इस बीच उत्तराखंड में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाने के निर्णय के बाद प्रदेश में पार्टी नेताओं ने अपना रुख उसी अनुरूप कर लिया है. वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शंकराचार्यों की सहभागिता को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है. 

'कांग्रेस फैला रही भ्रम'- भाजपा

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 'कांग्रेस शंकराचार्यों के नहीं जाने की बात को लेकर भ्रम फैला रही है. सच्चाई यह कि इन धर्माचार्यों ने न तो स्वयं ऐसी कोई बात कही है और न ही उनके अनुयायियों ने. कांग्रेस के नेता वहां इसलिए नहीं जा रहे हैं क्योंकि अब मंदिर बनने से उनको सांप सूंघ गया है। उनकी तुष्टीकरण की राजनीति का दायरा सिमट गया है। अब वह बचे हुए वोट बैंक को संभालने के कारण प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं जा रहे हैं.'

पूर्व मुख्यमंत्री ने समारोह से बनाई दूरी

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य हरीश रावत (Harish Rawat) ने भी इस समारोह से दूरी बनाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि 'भाजपा इसे चुनावी आयोजन बनाना चाहती है. जब राम मंदिर का ताला खुला, मंदिर के लिए जमीन का आवंटन हुआ, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी. समय आया और संयोग बना कि वर्षों से विवादित प्रकरण और समाज में दिख रहे बंटवारे को सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय से रोक दिया। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जब आया, करोड़ों भारतवासियों के लिए राम का मंदिर तब ही बन गया था.' उन्होंने कहा कि वह श्रीराम के दर्शनों के लिए अवश्य जाएंगे, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा के दिन भाजपा के निमंत्रण पर नहीं जाएंगे.