जेलेंस्की को ट्रंप से पंगा लेना पड़ा भारी, रूस ने शुरू किया यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमला, 25 लोगों की मौत

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार उग्र होता जा रहा है. हाल ही में रूस ने यूक्रेन पर भीषण हवाई हमले किए, जिसमें 25 से अधिक लोगों की जान चली गई और 37 से ज्यादा लोग घायल हो गए. मरने वालों में पांच बच्चे भी शामिल हैं.

Zelensky had to pay a heavy price for messing with Trump Russia launched a massive attack on Ukraine 25 people died
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- FreePik

कीव: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार उग्र होता जा रहा है. हाल ही में रूस ने यूक्रेन पर भीषण हवाई हमले किए, जिसमें 25 से अधिक लोगों की जान चली गई और 37 से ज्यादा लोग घायल हो गए. मरने वालों में पांच बच्चे भी शामिल हैं.

रूसी सेना ने डोनेट्स्क और खार्किव क्षेत्र में घातक हमले किए, जिनमें कई रिहायशी इलाकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है.

किस इलाके को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?

डोनेट्स्क क्षेत्र:

  • यहां के डोब्रोपिलिया शहर में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले हुए.
  • 25 लोग मारे गए, 40 घायल, जिनमें छह बच्चे शामिल हैं.
  • आठ बहुमंजिला इमारतें और 30 वाहन नष्ट हो गए.

खार्किव क्षेत्र:

एक ड्रोन हमले में तीन नागरिकों की मौत

ओडेसा और अन्य क्षेत्र:

कई घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा.

जेलेंस्की की प्रतिक्रिया: रूस को रोकना होगा

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के इन हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा: "रूस अब भी अपने आक्रामक इरादों से पीछे हटने को तैयार नहीं है. हमें अपनी वायु सुरक्षा को मजबूत करने और रूस पर और सख्त प्रतिबंध लगाने की जरूरत है."

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि रूस के युद्ध को फंड करने वाले संसाधनों पर चोट करनी होगी.

अमेरिका से सैन्य मदद में कमी, रूस ने तेज किए हमले?

रूस का यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने यूक्रेन के साथ कुछ खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगा दी है.

क्या इस कदम का असर यूक्रेन की सुरक्षा पर?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की ओर से सैन्य मदद और खुफिया सपोर्ट में कमी के चलते यूक्रेन की वायु रक्षा कमजोर हो सकती है. यूक्रेन के पास उन्नत मिसाइलों की कमी है, जिससे रूसी हमलों का जवाब देना मुश्किल हो सकता है.

सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह स्थिति बनी रही, तो रूस युद्ध में और आक्रामक रुख अपना सकता है.

क्या बातचीत की संभावना खत्म हो रही है?

युद्ध की शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की कोशिश करता रहा है. लेकिन हाल के हमलों से संभावित वार्ता पर बुरा असर पड़ सकता है.

डोब्रोपिलिया शहर रूस के निशाने पर लगातार बना हुआ है. यह इलाका यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और इसे बचाने के लिए यूक्रेनी सेना पूरी ताकत से संघर्ष कर रही है.

यूक्रेन ने रूस की रिफाइनरी को बनाया निशाना

यूक्रेन ने भी जवाबी हमला करते हुए रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में से एक सर्गुटनेफ्टेगाज की किरिशी रिफाइनरी को ड्रोन हमले में निशाना बनाया.

रूसी सेना ने दावा किया कि उनके सैनिकों ने यूक्रेनी बलों को पीछे धकेलते हुए कुर्स्क क्षेत्र के तीन गांवों पर फिर से कब्जा कर लिया है.

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