India Defence Export: भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. बीते वित्त वर्ष में भारत ने 4 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के स्वदेशी हथियारों का निर्यात किया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है, जो देश के रक्षा उत्पादन और निर्यात क्षमता में तेजी से हो रहे विस्तार को दिखाता है.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने कुल करीब 38,424 करोड़ रुपये (लगभग 4.15 अरब डॉलर) के हथियारों की बिक्री की है. इस उपलब्धि को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब तेजी से एक वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
सरकारी और निजी क्षेत्र की संयुक्त ताकत
भारत के रक्षा निर्यात में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत रही, जबकि शेष योगदान निजी कंपनियों का रहा. यह संकेत देता है कि देश में एक मजबूत और संतुलित डिफेंस इकोसिस्टम तैयार हो चुका है, जिसमें पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर दोनों सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
आज भारत 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है, जिनमें अमेरिका, फ्रांस, फिलीपींस और आर्मेनिया जैसे देश प्रमुख ग्राहक हैं.
किन हथियारों की है सबसे ज्यादा मांग
भारत द्वारा निर्यात किए जाने वाले रक्षा उपकरणों में मिसाइल सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर, तोपखाने, रडार सिस्टम, नौसेना की बोट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं.
‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहल के तहत सरकार ने रक्षा उत्पादन को प्राथमिकता दी है, जिसका असर अब निर्यात के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है.
टॉप खरीदार देशों में कौन आगे?
भारतीय हथियारों की मांग दुनियाभर में बढ़ रही है, लेकिन कुछ देश ऐसे हैं जो प्रमुख खरीदार के रूप में उभरे हैं:
आर्मेनिया: भारत के स्वदेशी हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार बनकर सामने आया है. इसने Pinaka Multi Barrel Rocket Launcher, Akash Air Defence System, ATAGS और Swathi Weapon Locating Radar जैसे सिस्टम खरीदे हैं.
फिलीपींस: दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस ने भारत से BrahMos missile सिस्टम खरीदा, जो भारत के रक्षा निर्यात इतिहास की बड़ी डील मानी जाती है.
अमेरिका: अमेरिका भारत से बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, रक्षा उपकरणों के पुर्जे और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स खरीदता है.
इजरायल: इजरायल भी भारत से बड़ी मात्रा में सुरक्षा उपकरण, बैटरियां और सैन्य सब-सिस्टम खरीदता है.
यूनाइटेड किंगडम: यूके भारतीय रक्षा कंपनियों से इंजीनियरिंग सेवाएं, एयरो कंपोनेंट्स और सुरक्षा उपकरण लेता है.
फ्रांस: फ्रांस भारत का अहम रणनीतिक साझेदार होने के साथ-साथ रक्षा उपकरणों का खरीदार भी है.
जर्मनी: जर्मनी भारत से सुरक्षा उपकरण और हथियारों के पुर्जे खरीदता है.
अन्य देशों में भी बढ़ी मांग
इनके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, नीदरलैंड और श्रीलंका जैसे देश भी भारत से रक्षा साजो-सामान खरीद रहे हैं.
साथ ही गुयाना को भारत ने डोर्नियर विमान भी निर्यात किया है, जो इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है.
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