'धमकी देने से कुछ नहीं होगा, जबरन गाजा खाली नहीं करा पाओगे', हमास ने ट्रंप पर लगाया डबल स्टैंडर्ड का आरोप

अमेरिका और फिलिस्तीन के सशस्त्र संगठन हमास के बीच इजराइल द्वारा किडनैप किए गए अमेरिकी बंधकों की रिहाई को लेकर सीधी बातचीत हुई है. हालांकि, इस बैठक के बाद हमास ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है.

Threats will achieve nothing you will not be able to evacuate Gaza by force Hamas accuses Trump of double standards
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

गाजा: अमेरिका और फिलिस्तीन के सशस्त्र संगठन हमास के बीच इजराइल द्वारा किडनैप किए गए अमेरिकी बंधकों की रिहाई को लेकर सीधी बातचीत हुई है. हालांकि, इस बैठक के बाद हमास ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है.

हमास की नाराजगी: सिर्फ इजराइली बंधकों की चिंता क्यों?

हमास के वरिष्ठ नेता मुशीर अल-मसरी ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन केवल इजराइली कैदियों की रिहाई पर ध्यान दे रहा है, लेकिन इजराइली जेलों में बंद 10,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बारे में कोई चर्चा नहीं कर रहा. उन्होंने अमेरिका पर मध्यस्थ बनने के बजाय इस संघर्ष में एक पक्ष बनने का भी आरोप लगाया.

गाजा को जबरन खाली नहीं कराया जा सकता- हमास

हमास ने यह भी दावा किया कि ट्रंप द्वारा उन पर दबाव डाला जा रहा है कि वे जल्द से जल्द इजराइली कैदियों को रिहा करें, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अल-मसरी ने कहा कि गाजा के नागरिकों को जबरन उनके घरों से हटाने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा.

उन्होंने ट्रंप को चेतावनी दी कि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों का अनुसरण नहीं करना चाहिए.

इजराइल ने की यूएस-हमास बातचीत का कड़ा विरोध

इस बैठक को लेकर इजराइल की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी रॉन डेरमर और अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि एडम बोहलर के बीच इस मुद्दे पर गंभीर मतभेद देखे गए.

बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने बंधकों की रिहाई के लिए एडम बोहलर को अपना विशेष दूत नियुक्त किया है.

अमेरिका और हमास के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

  • चार मृत अमेरिकी बंधकों के शवों की वापसी
  • अमेरिकी नागरिक एडन अलेक्जेंडर की रिहाई
  • संभावित युद्धविराम और शांति प्रक्रिया
  • हमास नेताओं को सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता
  • इजराइली जेलों से फिलिस्तीनी कैदियों की संभावित रिहाई

हालांकि, इजराइल ने फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई पर सहमति नहीं दी है, जिससे इस बातचीत में गतिरोध बना हुआ है.

इजराइल-हमास के बीच तीन चरणों की सीजफायर डील

गौरतलब है कि ट्रंप के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले यानी 19 फरवरी को इजराइल और हमास के बीच एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसे तीन चरणों में लागू किया जाना है.

इस योजना के तहत 42 दिनों तक बंधकों की अदला-बदली होनी थी. हालांकि, हमास का दावा है कि इजराइल गाजा में राहत सामग्री पहुंचाने में बाधा डाल रहा है, जिससे इस शांति प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू नहीं हो पाया है.

हमास के पास कितने बंधक हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमास की हिरासत में अभी भी 13 जीवित बंधक और 4 मृत बंधकों के शव हैं.

इनमें से एक अमेरिकी नागरिक एडन अलेक्जेंडर है, जबकि बाकी 12 बंधकों के पास इजराइल और अमेरिका की दोहरी नागरिकता है.

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