S-400, बराक-8 से आकाश तक... आसमान का सिकंदर बना भारत! तैनात किया मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम

वैश्विक स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव और आधुनिक युद्ध में ड्रोन, मिसाइल और फाइटर जेट्स के बढ़ते इस्तेमाल ने एयर डिफेंस सिस्टम की अहमियत को और बढ़ा दिया है.

India deployed multi-layer air defense system S-400 Barak-8 Akash
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

India Air Defence System: वैश्विक स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव और आधुनिक युद्ध में ड्रोन, मिसाइल और फाइटर जेट्स के बढ़ते इस्तेमाल ने एयर डिफेंस सिस्टम की अहमियत को और बढ़ा दिया है. ऐसे दौर में भारत ने भी अपने हवाई सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए एक अत्याधुनिक और बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) एयर डिफेंस नेटवर्क तैयार किया है, जो किसी भी हवाई खतरे को पलभर में पहचान कर उसे निष्क्रिय करने में सक्षम है.

क्या होता है एयर डिफेंस सिस्टम

एयर डिफेंस सिस्टम एक ऐसी उन्नत तकनीक है, जिसे हवा में आने वाले खतरों को पहचानने, ट्रैक करने और उन्हें खत्म करने के लिए डिजाइन किया जाता है. इसमें ड्रोन, क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और दुश्मन के फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल होते हैं.

यह सिस्टम अत्याधुनिक रडार और सेंसर नेटवर्क के जरिए काम करता है, जो रियल टाइम में खतरे का पता लगाकर उसे रोकने की रणनीति बनाता है.

भारत का मल्टी-लेयर एयर डिफेंस नेटवर्क

भारत का एयर डिफेंस सिस्टम कई परतों में काम करता है, जिससे अलग-अलग दूरी और ऊंचाई पर आने वाले खतरों को रोका जा सके. यह नेटवर्क एयर डिफेंस ग्राउंड एनवायरनमेंट सिस्टम और बेस एयर डिफेंस जोन के जरिए एकीकृत है, जो बड़े क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करता है.

इसमें अलग-अलग रेंज के मिसाइल सिस्टम और रडार तकनीक शामिल हैं, जो मिलकर एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करते हैं.

S-400: लंबी दूरी का घातक कवच

S-400 Triumph भारत के एयर डिफेंस सिस्टम का सबसे ताकतवर हिस्सा माना जाता है. यह रूसी तकनीक पर आधारित सिस्टम करीब 380 से 400 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के टारगेट को ट्रैक और नष्ट कर सकता है.

भारत ने 2018 में करीब 40,000 करोड़ रुपये की डील के तहत इसे खरीदा था और इसकी कई स्क्वॉड तैनात की जा चुकी हैं. यह सिस्टम एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक करने और करीब 36 टारगेट को एक साथ निशाना बनाने की क्षमता रखता है.

इसे भारत के रणनीतिक एयर डिफेंस की रीढ़ माना जाता है, जो बड़े पैमाने पर सुरक्षा प्रदान करता है.

Barak-8 MR-SAM: भारत-इजराइल की ताकत

Barak-8 MR-SAM एक मीडियम रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे भारत और इजराइल ने मिलकर विकसित किया है. इसकी रेंज करीब 70 से 100 किलोमीटर तक है.

यह सिस्टम हेलीकॉप्टर, लड़ाकू विमान, एंटी-शिप मिसाइल और ड्रोन जैसे खतरों को प्रभावी तरीके से रोक सकता है. इसका इस्तेमाल भारतीय नौसेना, थल सेना और वायु सेना तीनों करती हैं.

Akash सिस्टम: स्वदेशी शक्ति का उदाहरण

Akash Air Defence System पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया एक स्वदेशी सिस्टम है. इसकी रेंज लगभग 25 किलोमीटर है और यह 360 डिग्री कवरेज के साथ कई लक्ष्यों को एक साथ निशाना बना सकता है.

यह सिस्टम लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से रक्षा करने में सक्षम है. इसकी मारक क्षमता और सफलता दर को काफी प्रभावी माना जाता है, जिससे यह भारतीय सुरक्षा तंत्र का अहम हिस्सा बन गया है.

SPYDER और Igla-S: नजदीकी सुरक्षा के लिए

कम दूरी के खतरों से निपटने के लिए भारत के पास SPYDER Air Defence System और Igla-S जैसे सिस्टम भी मौजूद हैं.

SPYDER एक शॉर्ट-रेंज सतह से हवा में मार करने वाला सिस्टम है, जिसकी रेंज लगभग 15 किलोमीटर है और इसे तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए डिजाइन किया गया है.

वहीं Igla-S एक मैन-पोर्टेबल सिस्टम है, जिसकी रेंज करीब 6 किलोमीटर है. इसका इस्तेमाल कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलीकॉप्टर और विमान को निशाना बनाने के लिए किया जाता है.

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