दुनिया का सबसे बड़ा वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब एक बार फिर तकनीकी समस्या की चपेट में आ गया है. मंगलवार, 15 अक्टूबर की दोपहर से शुरू हुई इस गड़बड़ी ने लाखों यूजर्स की डिजिटल दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया. अमेरिका में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, लेकिन इसकी चपेट में कई अन्य देश भी आए हैं.
तकनीकी गड़बड़ी की शुरुआत मंगलवार को दोपहर के आसपास हुई, जब यूजर्स ने यूट्यूब का होमपेज लोड न होने, वीडियो न चलने और ऐप क्रैश होने जैसी समस्याएं रिपोर्ट करनी शुरू कीं. डाउनडिटेक्टर जैसी सर्वे और निगरानी वेबसाइट्स के अनुसार, शाम 4:28 बजे तक सिर्फ अमेरिका से 1.28 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी थीं, जो कुछ घंटों में बढ़कर 2 लाख पार कर गईं. यूट्यूब की अन्य सेवाएं Youtube Music और Youtube TV भी प्रभावित रहीं. इनमें क्रमश: 4,800 और 2,300 से अधिक समस्याओं की रिपोर्ट सामने आई.
यूजर्स को सबसे ज्यादा झटका अमेरिका में
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित यूजर्स में से करीब 54 प्रतिशत ने वीडियो स्ट्रीमिंग से जुड़ी समस्याएं साझा कीं. इन समस्याओं में वीडियो लोड न होना, बीच में रुक जाना, या फिर बिल्कुल प्ले न होना शामिल रहा. वहीं, कई यूजर्स को लॉगइन या अकाउंट तक एक्सेस में दिक्कतें आईं. अमेरिका, जो यूट्यूब का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता बाजार है, वहां लाखों लोग शैक्षणिक, मनोरंजन और प्रोफेशनल कारणों से यूट्यूब पर निर्भर हैं. ऐसे में यह आउटेज न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि पेशेवर गतिविधियों पर भी असर डाल रहा है.
सोशल मीडिया पर छाए मीम्स, गूगल अब तक चुप
जैसे ही यूट्यूब ठप हुआ, सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं तेज़ हो गईं. ट्विटर और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने मजेदार मीम्स और GIFs के ज़रिए अपनी झुंझलाहट जताई. वहीं, कई यूजर्स ने वैकल्पिक प्लेटफॉर्म्स जैसे डेलीमोशन या वीमो की ओर रुख करना शुरू किया.इस पूरी समस्या पर गूगल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि टेक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सर्वर से जुड़ी परेशानी हो सकती है, जो अगले कुछ घंटों में सुलझ सकती है.
कंटेंट क्रिएटर्स और ब्रांड्स को भारी नुकसान
यूट्यूब सिर्फ दर्शकों का ही नहीं, बल्कि लाखों कंटेंट क्रिएटर्स और ब्रांड्स का भी आय का स्रोत है. ऐसे में इस तरह की तकनीकी खराबी विज्ञापन राजस्व, व्यूअरशिप और शेड्यूल्ड लाइव स्ट्रीमिंग को बुरी तरह प्रभावित करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में गूगल की विभिन्न सेवाओं जैसे जीमेल, यूट्यूब और गूगल ड्राइव — में रुक-रुक कर तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं. इससे कंपनी के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल उठने लगे हैं.
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