YouTube ने अपनी पॉलिसी को लेकर सख्त कदम उठाए हैं और अब कंपनी उन चैनल्स और क्रिएटर्स के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी निर्धारित गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे. हाल ही में जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2023 के बीच YouTube ने करीब 29 लाख वीडियो प्लेटफॉर्म से हटा दिए हैं, जो किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे बड़ी संख्या है. यह आंकड़ा पिछले तिमाही के मुकाबले 32% ज्यादा है. आपको बता दें कि 2020 के बाद भारत में वीडियो हटाने की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इस मामले में ब्राजील दूसरे स्थान पर है.
48 लाख चैनल्स पर भी कार्रवाई
YouTube अब ऑटोमैटेड कंटेंट मॉडरेशन टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है, जिनकी मदद से वह वीडियो की पहचान कर रहा है और पॉलिसी उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, 99.7% वीडियो इस सिस्टम द्वारा फ्लैग किए गए हैं. YouTube ने दुनियाभर में 81.7% वीडियो स्पैम, स्कैम और गलत जानकारी फैलाने के कारण हटा दिए हैं. इसके अलावा, 6.6% वीडियो उत्पीड़न, 5.9% बच्चों की सुरक्षा से जुड़े, और 3.7% वीडियो हिंसा को बढ़ावा देने के कारण हटाए गए.
इतना ही नहीं, YouTube ने अक्टूबर से दिसंबर 2023 के बीच लगभग 48 लाख चैनल्स पर भी कार्रवाई की है और 130 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी उल्लंघन करने वाले कमेंट्स को डिलीट किया है. यह एक बड़ी कार्रवाई है और यह साफ संकेत है कि अब ऐसे वीडियो और कमेंट्स को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
गूगल की भी चेतावनी
इसके अलावा, Google ने अपनी नई पॉलिसी में यह भी कहा है कि अब क्रिएटर्स को गैंबलिंग साइट्स और ऐप्स को प्रमोट करने से बचना होगा. अगर कोई क्रिएटर या चैनल इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, और ऐसा चैनल ब्लॉक भी किया जा सकता है. नई पॉलिसी के अनुसार, गूगल अप्रूव्ड ऐप्स को प्रमोट किया जा सकता है, लेकिन अगर कोई अप्रूव्ड ऐप्स को प्रमोट करता है, तो यह खतरनाक साबित हो सकता है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
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