38,424 करोड़ रुपये का डिफेंस एक्सपोर्ट.. दुनिया में बज रहा भारतीय हथियारों का डंका, राजनाथ सिंह ने दिया डेटा

भारत की रक्षा निर्यात क्षमता में इस साल जबरदस्त वृद्धि देखी गई है. 2026 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 60 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़कर करीब 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

Rajnath Singh announces India s defense exports reached ₹38,424 crore in 2026
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नई दिल्ली: भारत की रक्षा निर्यात क्षमता में इस साल जबरदस्त वृद्धि देखी गई है. 2026 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 60 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़कर करीब 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले काफी ऊंचा है और इसे देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता की जानकारी दी और यह भी बताया कि पाकिस्तान जैसे देशों के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय बन सकता है, जो अपनी रक्षा जरूरतों के लिए चीन और तुर्की पर निर्भर रहते हैं.

भारत का रक्षा निर्यात: एक नई ऊंचाई पर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2 अप्रैल, 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बड़ी सफलता के बारे में पोस्ट किया. उन्होंने बताया कि इस साल डिफेंस एक्सपोर्ट में 62.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले साल के 23,622 करोड़ रुपये के मुकाबले एक शानदार छलांग है. इस सफलता में न केवल डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (DPSU) बल्कि निजी क्षेत्र की कंपनियों का भी अहम योगदान रहा है. राजनाथ सिंह ने इसे भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि करार दिया और कहा कि देश एक शानदार सफलता की कहानी लिख रहा है.

भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर वैश्विक भरोसा

राजनाथ सिंह ने इस वृद्धि को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर बढ़ते वैश्विक भरोसे का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत का रक्षा उद्योग दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है. रक्षा निर्यात में इस जबरदस्त वृद्धि से भारत की निर्माण क्षमता और तकनीकी विकास को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है.

भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में हुई शानदार वृद्धि

राजनाथ सिंह ने साल 2014 और 2026 के बीच की अवधि में डिफेंस एक्सपोर्ट में हुई 35,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 2014 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट सिर्फ 600 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 38,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इस वृद्धि ने भारत को दुनिया के प्रमुख रक्षा निर्यातक देशों में शामिल कर दिया है. यह सफलता भारत की बढ़ती स्वदेशी उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है.

निजी और सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान

राजनाथ सिंह ने बताया कि इस वृद्धि में डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (DPSU) का योगदान 54.48 प्रतिशत और निजी क्षेत्र का योगदान 45.16 प्रतिशत रहा. यह सहयोगात्मक और आत्मनिर्भर रक्षा परिवेश की ताकत को दर्शाता है, जहां सरकारी और निजी क्षेत्र एक साथ मिलकर देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत बना रहे हैं.

2024 और 2023 में डिफेंस एक्सपोर्ट का आंकड़ा

वहीं, पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े भी काफी उत्साहजनक रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 23,622 करोड़ रुपये और 2023-24 में 21,083 करोड़ रुपये था. यह लगातार वृद्धि यह साबित करती है कि भारत का रक्षा निर्यात भविष्य में और भी मजबूत हो सकता है.

पाकिस्तान के लिए बढ़ती चिंता

भारत की डिफेंस एक्सपोर्ट में यह तेज़ी पाकिस्तान जैसे देशों के लिए चिंता का विषय बन सकती है. पाकिस्तान जो अपने रक्षा उपकरणों के लिए मुख्य रूप से चीन और तुर्की पर निर्भर करता है, अब भारतीय हथियारों की बढ़ती मांग और लोकप्रियता से बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. भारत की बढ़ती ताकत न केवल रक्षा क्षेत्र में, बल्कि पूरी वैश्विक राजनीति में एक नया परिप्रेक्ष्य पैदा कर सकती है.

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