नौकरी छोड़ने के बाद नहीं निकाल पाएंगे पूरा PF! जानिए नए नियम में क्या बदला

EPF New Rules 2026: अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और अभी नई नौकरी नहीं मिली है, तो PF निकालने से पहले नए नियम जानना जरूरी है. पहले कर्मचारी दो महीने बेरोजगार रहने के बाद अपना पूरा PF निकाल सकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

You won't be able to withdraw your full PF after quitting your job changed under the new rules
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EPF New Rules 2026: अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और अभी नई नौकरी नहीं मिली है, तो PF निकालने से पहले नए नियम जानना जरूरी है. पहले कर्मचारी दो महीने बेरोजगार रहने के बाद अपना पूरा PF निकाल सकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

सरकार ने EPF Scheme 2026 के तहत नियमों में बदलाव किया है. इसका मकसद कर्मचारियों की रिटायरमेंट की बचत को सुरक्षित रखना और PF का पैसा लंबे समय तक खाते में बनाए रखना है.

अब कितना PF निकाल सकते हैं?

नए नियम के अनुसार, नौकरी छोड़ने के बाद अगर कोई कर्मचारी बेरोजगार है, तो वह अपने कुल PF बैलेंस का 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकता है. इस राशि में कर्मचारी का योगदान, कंपनी का योगदान और उस पर मिला ब्याज भी शामिल होगा. 

यानी निकासी की रकम सिर्फ कर्मचारी के हिस्से तक सीमित नहीं रहेगी. हालांकि, बाकी बचे 25 प्रतिशत पैसे को तुरंत नहीं निकाला जा सकेगा. यह राशि तभी मिलेगी, जब कर्मचारी लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहेगा.

पहले क्या था नियम?

पहले EPF Scheme 1952 के तहत कर्मचारी नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद अपना पूरा PF बैलेंस निकाल सकता था. इसी वजह से कई लोग हर बार नौकरी बदलते समय पूरा PF निकाल लेते थे. इससे उनकी रिटायरमेंट के लिए जमा की गई बचत बार-बार खत्म हो जाती थी.

सरकार ने नियम क्यों बदला?

सरकार का कहना है कि PF का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के लिए बचत करना है, न कि नौकरी बदलने के दौरान खर्च चलाना. अगर कर्मचारी बार-बार पूरा PF निकाल लेते हैं, तो उनके पैसे पर मिलने वाला ब्याज और लंबे समय तक मिलने वाला कंपाउंडिंग का फायदा खत्म हो जाता है.

अब 25 प्रतिशत राशि खाते में बनी रहेगी. अगर कर्मचारी को एक साल के अंदर नई नौकरी मिल जाती है, तो वही पैसा आगे भी बढ़ता रहेगा और उस पर ब्याज मिलता रहेगा.

PF निकासी के नियम हुए आसान

सरकार ने आंशिक PF निकासी के नियम भी आसान कर दिए हैं. पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए 13 तरह के नियम थे. अब इन्हें घटाकर तीन मुख्य श्रेणियों में कर दिया गया है. ज्यादातर मामलों में एडवांस PF निकालने के लिए अब कम से कम 12 महीने की सदस्यता की एक जैसी शर्त रखी गई है. पहले कुछ मामलों में 7 साल तक नौकरी करने की शर्त भी लागू होती थी.

सिर्फ PF के भरोसे न रहें

विशेषज्ञों का मानना है कि बेरोजगारी के समय 75 प्रतिशत PF निकालने की सुविधा राहत जरूर देती है, लेकिन यह पूरी समस्या का समाधान नहीं है. अगर नई नौकरी मिलने में ज्यादा समय लग जाए, तो 25 प्रतिशत राशि एक साल तक खाते में ही रहेगी. ऐसे में हर कर्मचारी को PF के अलावा एक इमरजेंसी फंड भी बनाकर रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर रोजमर्रा के खर्च आसानी से पूरे किए जा सकें.

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