Hamirpur Crime News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक पति ने अपनी पत्नी के साथ जीवनभर साथ निभाने का वादा तो किया, लेकिन महज 40 लाख रुपये के टर्म इंश्योरेंस के लिए उसी की जिंदगी छीन ली. हत्या को हादसा साबित करने के लिए उसने ऐसी साजिश रची कि पहली नजर में यह एक सड़क दुर्घटना लगे, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने पूरी कहानी से पर्दा उठा दिया. इस मामले ने न केवल रिश्तों में बढ़ते अविश्वास को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि आर्थिक लालच किस हद तक किसी इंसान को अपराध की दुनिया में धकेल सकता है.
हाईवे किनारे मिला महिला का शव, मचा हड़कंप
बुधवार देर रात करीब 12 बजे राठ-हमीरपुर स्टेट हाईवे पर ललपुरा थाना क्षेत्र स्थित बैठका धाम मंदिर के पास एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. शुरुआती तौर पर मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा था, लेकिन घटनास्थल और परिस्थितियों ने पुलिस के मन में कई सवाल खड़े कर दिए. इसी दौरान महिला का पति अमर सिंह खुद थाने पहुंचा और पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश करने लगा. पुलिस को उसका व्यवहार और बयान संदिग्ध लगे. जब उससे विस्तार से पूछताछ की गई तो उसके जवाब बार-बार बदलते रहे. आखिरकार सख्ती बरतने पर उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.
प्रेम विवाह के दो साल बाद रच दी मौत की पटकथा
मृतका रीता कानपुर देहात के राजपुर गांव की रहने वाली थीं. उनकी पहली शादी वर्ष 2002 में मैनपुरी में हुई थी, जिससे उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं. पहले पति की मृत्यु के बाद उनकी मुलाकात मौदहा के बम्हरौली गांव निवासी अमर सिंह से हुई.
दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब दो साल पहले उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया. परिवार को लगा कि रीता को जीवन में दूसरा सहारा मिल गया है, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यही रिश्ता आगे चलकर उनकी मौत का कारण बन जाएगा.
बीमा पॉलिसी के बाद बदल गई पूरी कहानी
रीता के पिता सर्वेश कुमार ने पुलिस को बताया कि अमर सिंह ने योजनाबद्ध तरीके से दो महीने पहले ही रीता के नाम 40 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस कराया था. इसके लिए उसने पहली किस्त के रूप में करीब 2 लाख 60 हजार रुपये भी जमा किए थे. पुलिस जांच में सामने आया कि बीमा पॉलिसी कराने के कुछ ही समय बाद अमर सिंह ने पत्नी की हत्या की योजना बना ली थी. जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपी का उद्देश्य बीमा की पूरी रकम हासिल करना था और इसी लालच ने उसे इतना बड़ा अपराध करने के लिए प्रेरित किया.
हत्या के बाद सड़क हादसे का दिया रूप
पुलिस के अनुसार अमर सिंह ने इस वारदात को अकेले अंजाम नहीं दिया. उसने अपने तीन साथियों को भी इस साजिश में शामिल किया. पहले रीता की हत्या की गई और उसके बाद शव को हाईवे किनारे ले जाकर सड़क पर रखा गया. इसके बाद शव के ऊपर कार चढ़ा दी गई ताकि ऐसा लगे कि महिला किसी हिट एंड रन दुर्घटना की शिकार हुई है. आरोपियों को उम्मीद थी कि पुलिस इसे सामान्य सड़क हादसा मान लेगी और बीमा कंपनी भी बिना किसी संदेह के क्लेम की प्रक्रिया पूरी कर देगी. हालांकि घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पुलिस की तकनीकी जांच ने इस योजना को पूरी तरह विफल कर दिया.
गुमशुदगी की झूठी कहानी से खुला राज
हत्या के बाद अमर सिंह ने खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की. उसने थाने पहुंचकर पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, ताकि किसी को उस पर शक न हो. लेकिन पुलिस को उसके बयान में कई विरोधाभास मिले.
पूछताछ के दौरान वह घटनाओं का क्रम सही तरीके से नहीं बता पाया. लगातार बदलते बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.
पुलिस जांच में सामने आई पूरी साजिश
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और आरोपी के बयान का मिलान अन्य तथ्यों से किया. इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि महिला की मौत किसी सड़क दुर्घटना में नहीं, बल्कि पहले से रची गई हत्या की साजिश का नतीजा थी. पुलिस ने हत्या में शामिल तीन अन्य आरोपियों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. सभी के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
अपर एसपी ने किया मामले का खुलासा
हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि यह हत्या पूरी तरह आर्थिक लालच से प्रेरित थी. आरोपी पति ने 40 लाख रुपये के बीमा का लाभ लेने के उद्देश्य से पत्नी की हत्या की योजना बनाई थी. पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर सिंह सहित उसके तीनों साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
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