मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया संबोधन वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है. इस भाषण में उन्होंने न सिर्फ ईरान की स्थिति पर अपनी बात रखी, बल्कि इतिहास के कई बड़े युद्धों का जिक्र करते हुए मौजूदा संघर्ष को भी उसी संदर्भ में पेश किया. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और अब वह पहले जैसा खतरा नहीं रह गया है.
विश्व युद्धों का जिक्र कर दिखाई ताकत
अपने संबोधन में ट्रंप ने इतिहास के बड़े युद्धों का उल्लेख करते हुए तुलना पेश की. उन्होंने कहा कि पहला विश्व युद्ध करीब एक साल सात महीने और पांच दिन चला, जबकि दूसरा विश्व युद्ध तीन साल आठ महीने और 25 दिन तक चला. इसी तरह कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध और इराक युद्ध की अवधि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ये संघर्ष वर्षों तक चले.
ट्रंप ने कहा कि इसके मुकाबले मौजूदा सैन्य अभियान को महज कुछ हफ्ते हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका ने एक बड़े देश को काफी हद तक कमजोर कर दिया है. उनके अनुसार, यह अभियान दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य अभियानों में से एक है.
ईरान को लेकर बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को लगभग खत्म कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान अब पहले जैसा प्रभावशाली नहीं रहा और उसकी सैन्य ताकत को काफी नुकसान हुआ है. उनके शब्दों में, जो देश कभी मध्य-पूर्व में प्रभावशाली माना जाता था, अब वह अपनी स्थिति खो चुका है.
#WATCH | Addressing the nation, US President Donald Trump says, "World War I lasted one year, seven months, and five days. World War II lasted for three years, eight months, and 25 days. The Korean War lasted for three years, one month, and two days. The Vietnam War lasted for 19… pic.twitter.com/2HdnnOszTk
— ANI (@ANI) April 2, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है और इससे अमेरिका के भविष्य को सुरक्षित किया जा रहा है.
कूटनीति पर जोर, लेकिन ईरान पर आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि वह हमेशा कूटनीति के जरिए समाधान चाहते थे. उनका कहना था कि अमेरिका ने बातचीत के कई प्रयास किए, लेकिन ईरान ने इन कोशिशों को ठुकराते हुए अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखा.
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया और दोहराया कि अमेरिका किसी भी हाल में उसे परमाणु शक्ति बनने नहीं देगा.
वेनेजुएला ऑपरेशन का भी जिक्र
अपने संबोधन में ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां अमेरिकी सेना ने बेहद कम समय में सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया. उन्होंने इस मिशन को तेज, प्रभावी और निर्णायक बताया और कहा कि इसे दुनिया भर में सराहा गया.
आगे की रणनीति और चेतावनी
लगभग 20 मिनट लंबे इस संबोधन में ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में अमेरिका की कार्रवाई और तेज हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर और बड़े हमले किए जा सकते हैं.
इसके साथ ही उन्होंने उन देशों पर भी निशाना साधा, जो इस संघर्ष में अमेरिका का समर्थन नहीं कर रहे हैं. ट्रंप ने ऐसे देशों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा के मुद्दे पर तटस्थ रहना सही नहीं है.
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