अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई अहम बातें कहीं. उन्होंने दावा किया कि ईरान की मौजूदा व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है और वहां सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा. उनके मुताबिक, यदि ईरान परमाणु हथियार बनाता है तो यह इज़राइल और अमेरिका दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है.
ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान पर बड़ा दावा
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और उसके मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने इस दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है और ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया है.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जैसी सैन्य क्षमता दुनिया के किसी अन्य देश के पास नहीं है. उनके अनुसार, ईरान की नौसेना और वायुसेना को काफी हद तक निष्क्रिय कर दिया गया है. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं.
परमाणु ठिकानों और मिसाइल प्रोग्राम पर असर
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने अपने बी-2 बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को रोकना और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली को कमजोर करना था. ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान तेजी से मिसाइलों का उत्पादन कर रहा था और भविष्य के लिए बड़ी सैन्य तैयारी कर रहा था.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का सख्त रुख
Strait of Hormuz को लेकर ट्रंप ने कहा कि यह समुद्री मार्ग संघर्ष खत्म होते ही अपने आप खुल जाएगा. उन्होंने दावा किया कि ईरान को इतना नुकसान हुआ है कि अब वह अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए तेल निर्यात पर निर्भर होगा और जल्द ही इस मार्ग को खोलने के लिए मजबूर होगा.
ट्रंप ने उन देशों को लेकर भी कड़ा बयान दिया, जिनके जहाज इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे देशों के पास केवल दो विकल्प हैं- या तो वे इस संघर्ष में शामिल होकर लड़ाई करें या फिर अमेरिका से तेल खरीदें.
ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि अमेरिका तब तक अपनी कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक उसके सभी लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो जाते. उन्होंने कहा कि अब तक की प्रगति को देखते हुए अमेरिका जल्द ही अपने उद्देश्यों को पूरा कर लेगा.
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर और भी बड़े हमले किए जा सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस दौरान कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण ढांचों खासतौर पर बिजली उत्पादन केंद्रों को निशाना बना सकता है और एक साथ बड़े स्तर पर हमले किए जा सकते हैं.
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