Pakistan Air Strike On Afghanistan: अफगानिस्तान की राजधानी में हाल ही में हुए कथित हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल और अधिक गहरा हो गया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को लेकर सख्त तेवर अपनाते हुए अफगानिस्तान को चेतावनी दी थी.
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में स्थित बरमल जिले को निशाना बनाया, जहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की मौजूदगी बताई जाती है.
काबुल और पक्तिका में देर रात हुए धमाके
अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार रात काबुल के पूर्वी हिस्से, डिस्ट्रिक्ट 8 में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. यह इलाका न केवल घनी आबादी वाला है, बल्कि यहाँ कई सरकारी दफ्तर और राजनयिक मिशन भी मौजूद हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाकों के साथ-साथ उन्होंने आसमान में विमानों की आवाजें भी सुनीं, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह हवाई हमले हो सकते हैं.
वहीं दूसरी ओर, अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी विस्फोट हुए. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हमला रात करीब 12 बजे हुआ, जब मरगा बाजार क्षेत्र पर पाकिस्तान की ओर से हवाई हमला किया गया. इस हमले में हालांकि किसी के मारे जाने की खबर नहीं है, लेकिन करीब 10 दुकानें पूरी तरह तबाह हो गईं और कई अन्य दुकानों में आग लग गई. शीशे टूटे, सामान जल गया और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है.
तालिबानी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान हमला
यह हवाई कार्रवाई ऐसे समय पर हुई जब अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारत यात्रा पर थे. इसे एक राजनयिक संकेत भी माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने यह हमला ऐसे समय पर किया जब अफगान सरकार की ओर से भारत के साथ संबंधों को लेकर कूटनीतिक संवाद हो रहा था.
चीन ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट
पाकिस्तान द्वारा अफगान सीमा के अंदर की गई इस कथित कार्रवाई के बाद चीन की खुफिया एजेंसी, MSS (Ministry of State Security) ने अपने देश के नागरिकों और राजनयिकों के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा चेतावनी जारी की है.
यह अलर्ट इस्लामाबाद और कराची स्थित चीनी दूतावासों, और CPEC (चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए था. इसमें कहा गया है कि चीनी नागरिकों और परियोजनाओं पर आतंकी हमले हो सकते हैं, खासकर TTP और अन्य चरमपंथी संगठनों द्वारा आत्मघाती हमलों की आशंका जताई गई है. MSS ने अपने अलर्ट में निर्देश दिए हैं कि चीनी राजनयिक और नागरिक आवश्यकता होने पर ही बाहर निकलें. साथ ही सभी चीनी प्रतिष्ठान जमीन पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें.
CPEC साइट्स पर विशेष सतर्कता बरती जाए
यह अलर्ट चीन के पाकिस्तान पर घटते भरोसे की ओर भी इशारा करता है, क्योंकि चीन ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान से कई बार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर शिकायतें की हैं.
TTP और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव
पाकिस्तान लंबे समय से TTP के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है. उसका आरोप है कि TTP अफगानिस्तान की धरती से ऑपरेट कर रहा है और पाकिस्तान के खिलाफ हमले कर रहा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में नेशनल असेंबली में कहा, "अब बहुत हो चुका है. हमारा धैर्य जवाब दे चुका है. अफगानिस्तान की जमीन से आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
इस बयान को पाकिस्तान द्वारा सीमापार कार्रवाई की चेतावनी माना गया था, और उसी दिन काबुल में विस्फोटों की घटना घटने से इन संदेहों को बल मिला कि पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई की है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तान सरकार ने फिलहाल इस हवाई हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन रक्षा मंत्री के बयान और हमलों की टाइमिंग से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि यह एक पूर्व-निर्धारित सैन्य कार्रवाई हो सकती है.
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम न केवल TTP को चेतावनी देना था, बल्कि तालिबान सरकार को भी एक स्पष्ट संदेश देना था कि यदि उन्होंने सीमा पार आतंकवाद को नियंत्रित नहीं किया, तो पाकिस्तान एकतरफा कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा.
भारत की प्रतिक्रिया और खुफिया नजर
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है. CNN-News18 की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा, "चीन की ओर से जारी नया सुरक्षा अलर्ट यह दर्शाता है कि पाकिस्तान और चीन के रिश्तों में दरार आ रही है. चीन अब पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर पहले जैसा भरोसा नहीं कर पा रहा है." भारत के लिए यह स्थिति रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पाकिस्तान-चीन गठजोड़ में संभावित कमजोरी उजागर हो सकती है.
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