नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है. पार्टी की यह नई टीम राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में काम करेगी. इस टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी अहम जगह दी गई है.
स्मृति ईरानी को बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. इसके साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. स्मृति ईरानी के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए खास है, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद करीब दो साल तक उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली थी.
अमेठी में राहुल गांधी को हरा चुकी हैं स्मृति
स्मृति ईरानी 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हराकर सुर्खियों में आई थीं. अमेठी को लंबे समय से गांधी परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है.
BJP chief Nitin Nibin announces names of new office bearers.
— ANI (@ANI) August 17, 2026
Vasundhara Raje Scindia, Tirath Singh Rawat, Ram Madhav, Baijyant Jay Panda, D Purandeshwari, Rekha Verma, Varshaben Narendrabhai Doshi, Bharti Pravin Pawar, Manpreet Singh Badal, Lal Singh Arya, M. Nagaraja, Tariq… pic.twitter.com/dnPE95CDVY
2019 के चुनाव में स्मृति की जीत को बीजेपी के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना गया था. उन्होंने राहुल गांधी को हराकर इस सीट पर कांग्रेस के लंबे दबदबे को चुनौती दी थी.
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को अमेठी में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद अब उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी देकर बीजेपी ने एक बार फिर संगठन में उनकी भूमिका बढ़ा दी है.
क्यों खास है उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी?
उत्तर प्रदेश देश की राजनीति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है. यहां लोकसभा की सबसे ज्यादा सीटें हैं और चुनावी राजनीति में इसका सीधा असर केंद्र की सत्ता पर पड़ता है.
ऐसे में स्मृति ईरानी को यूपी की जिम्मेदारी देना बीजेपी के लिए एक बड़ा फैसला माना जा रहा है. अमेठी से उनका पुराना जुड़ाव और गांधी परिवार के खिलाफ चुनावी जीत उनके राजनीतिक अनुभव को इस जिम्मेदारी में अहम बना सकती है.
अमेठी रहा है गांधी परिवार का गढ़
अमेठी को लंबे समय तक कांग्रेस और गांधी परिवार का मजबूत किला माना जाता रहा है. 1967 में अमेठी को लोकसभा सीट का दर्जा मिला था. इसके बाद कई वर्षों तक यहां कांग्रेस का दबदबा रहा.
1998 में बीजेपी के संजय सिंह ने कांग्रेस नेता सतीश शर्मा को हराकर इस सीट पर बड़ा बदलाव किया था. हालांकि, अगले ही चुनाव में कांग्रेस ने फिर वापसी की.
राहुल गांधी ने लगातार तीन बार जीता चुनाव
1999 में सोनिया गांधी ने अमेठी से चुनाव लड़कर संजय सिंह को हराया था. इसके बाद 2004 में उन्होंने अमेठी की सीट राहुल गांधी के लिए छोड़ दी और खुद रायबरेली से चुनाव लड़ा.
राहुल गांधी ने 2004 में अमेठी से जीत दर्ज की. इसके बाद 2009 और 2014 में भी उन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की. इस तरह राहुल लगातार तीन बार अमेठी से सांसद बने.
लेकिन 2019 में तस्वीर बदल गई. बीजेपी ने स्मृति ईरानी को राहुल गांधी के सामने मैदान में उतारा और उन्होंने राहुल को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया. अब करीब दो साल बाद स्मृति ईरानी को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी मिलना बीजेपी की राजनीति में उनके लिए एक नई बड़ी भूमिका की शुरुआत माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें- नितिन नवीन ने घोषित की BJP की नई टीम, वसुंधरा राजे समेत 7 महिला नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट