कौन है पलवाशा मोहम्मद खान? जिन्होंने बाबरी की पहली ईंट रखने की कही थी बात; बयान से मचा खूब बवाल

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल एक बार फिर गर्मा गया है. इसी बीच पाकिस्तान से एक भड़काऊ बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है.

Who is senator palwasha mohammad gave remarks on babri masjid
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल एक बार फिर गर्मा गया है. इसी बीच पाकिस्तान से एक भड़काऊ बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. पाकिस्तानी सीनेटर पलवाशा मोहम्मद ज़ई खान का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह अयोध्या में बनने वाली नई मस्जिद को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करती नजर आ रही हैं.

क्या कहा पलवाशा खान ने?

29 अप्रैल को पाकिस्तान की संसद के ऊपरी सदन (सीनेट) में दिए गए भाषण में पलवाशा खान ने कहा, “अयोध्या में जो नई बाबरी मस्जिद बनेगी, उसकी पहली ईंट पाकिस्तान की सेना रखेगी और पहली अज़ान खुद सेना प्रमुख असीम मुनीर देंगे. हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं.” उनके इस बयान ने भारतीय सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया और कई लोगों ने इसे भारत की धार्मिक भावनाओं का अपमान करार दिया.

कौन हैं पलवाशा मोहम्मद ज़ई खान?

पलवाशा खान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की नेता हैं और वर्तमान में पार्टी की उप सूचना सचिव के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने 2021 में सिंध प्रांत से महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर जीत हासिल कर सीनेट में प्रवेश किया था. इससे पहले, वे 2008 से 2013 तक नेशनल असेंबली की सदस्य भी रह चुकी हैं. उनका राजनीतिक जुड़ाव पाकिस्तान की वरिष्ठ नेता और व्यवसायी फौज़िया बेहराम से भी है, जो उनकी मौसी हैं और 1988 में पंजाब विधानसभा की पहली महिला सदस्य थीं.

सिख सैनिकों को लेकर भी दिया बयान

अपने भाषण के दौरान पलवाशा खान ने भारतीय सेना में शामिल सिख सैनिकों को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने दावा किया कि "भारत अगर पाकिस्तान पर हमला करता है, तो पाकिस्तानी सेना में मौजूद सिख सैनिक कभी पाकिस्तान पर हथियार नहीं उठाएंगे, क्योंकि यह गुरुनानक देव की पवित्र धरती है.” यह बयान भी सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बना और कई यूजर्स ने इसे ‘धार्मिक सहानुभूति का राजनीतिक उपयोग’ बताया.

भारत-पाकिस्तान तनाव का पृष्ठभूमि

हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में फिर से कटुता आ गई है. भारत ने इस हमले के बाद कई कड़े कदम उठाए हैं जैसे कि सिंधु जल समझौते पर पुनर्विचार, पाकिस्तानी विमानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र बंद करना, अटारी बॉर्डर पर आवाजाही सीमित करना, पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या घटाना, भारतीय सेना ने भी नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार हो रही गोलीबारी का सख्ती से जवाब दिया है.
 

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