India Monsoon 2026: प्रचंड गर्मी से मिलने वाली है राहत, जल्द दस्तक देगा मानसून, IMD ने बता दी तारीख

India Monsoon 2026: भारत के विभिन्न हिस्सों में इस वक्त भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है, खासकर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में, जहां तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है.

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India Monsoon 2026: भारत के विभिन्न हिस्सों में इस वक्त भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है, खासकर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में, जहां तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. इस बढ़ती हुई गर्मी के बीच एक राहत की खबर सामने आई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून पहले आ सकता है. विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, मई के अंत तक दक्षिण भारत के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है, जो लोगों को गर्मी से राहत देगी.

मानसून की जल्दी शुरुआत की संभावना

यूरोपीय सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) के अनुसार, इस साल मानसून सामान्य समय से पहले आने के संकेत मिल रहे हैं. पिछले साल भी मानसून की शुरुआत तय तारीख से पहले हुई थी, और इस साल भी कुछ ऐसे ही अनुमान हैं. खासतौर पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मानसून की शुरुआत 18 से 25 मई के बीच हो सकती है, जो पहले के वर्षों की तुलना में जल्दी है. इस समय, हिंद महासागर से आ रही नमी भरी हवाएं इस क्षेत्र में बारिश को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे यह इलाका सामान्य से 30 से 60 मिलीमीटर अधिक बारिश देख सकता है.

ट्रॉपिकल सिस्टम और मानसून की गति

अंडमान के उत्तर में एक ट्रॉपिकल सिस्टम बनने की 20 से 40 प्रतिशत संभावना जताई जा रही है, जो मानसून की शुरुआत में मदद कर सकता है. ये ट्रॉपिकल सिस्टम ज्यादा नमी खींचते हैं, जिससे बारिश की प्रक्रिया तेज हो जाती है. अगर यह सिस्टम बनता है, तो यह मानसून को और तेज़ी से भारत के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में मदद कर सकता है. इसके बाद 25 मई से 1 जून के बीच, दक्षिण-पूर्व अरब सागर में तेज पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है, जो नमी को भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट, विशेष रूप से केरल और तमिलनाडु में लेकर आएंगी. इससे इन इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है.

दक्षिण भारत में खास महत्व

दक्षिण भारत के लिए यह मानसून की जल्दी शुरुआत बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इलाके कृषि और पानी की कमी के मामले में मानसून पर बहुत निर्भर रहते हैं. अगर मानसून समय से पहले आता है, तो किसानों को गर्मी से राहत मिलेगी और उनके खेतों में समय पर पानी पहुंच पाएगा. यह स्थिति उन्हें अपने कृषि कार्यों को सही समय पर शुरू करने का अवसर देगी, जिससे उनकी फसलें बेहतर हो सकती हैं.

आईओडी और गर्मी का प्रभाव

इस बार इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) का असर भी मानसून के पक्ष में हो सकता है. अगर हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्से का पानी पूर्वी हिस्से से ज्यादा गर्म हो तो यह मानसून को मजबूत करता है. इस बार के अनुमान के अनुसार, आईओडी इस बार मानसून के लिए अनुकूल हो सकता है. इसके अलावा, इस साल की शुरुआती गर्मी का भी असर मानसून की जल्दी शुरुआत पर पड़ सकता है, क्योंकि ज्यादा गर्मी की वजह से समुद्र से आने वाली हवाएं पहले सक्रिय हो सकती हैं.

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