नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी में बहुत बड़ी बगावत हो गई है. राघव चड्ढा समेत 3 सांसदों ने AAP छोड़कर भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया है. राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पार्टी के 7 सांसद उनके साथ हैं और सभी ने AAP छोड़ने का फैसला कर लिया है, क्योंकि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है.
इस दौरान मंच पर उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे, जिन्होंने भी पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया. यह सिर्फ एक सामान्य इस्तीफा नहीं, बल्कि एक संगठित राजनीतिक बगावत के रूप में सामने आया, जिसने AAP के अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया. राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी देश के लिए नहीं अपने पर्सनल फायदे के लिए काम कर रही थी. जो पार्टी करप्शन हटाने के नाम पर बनी वो कंपरमाइज्ड लोगों के हाथ में है.
"मैं आम आदमी पार्टी से दूर हो रहा हूं"
राघव चड्ढा ने कहा, "आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा. मैं ऐलान कर रहा हूं कि मैं आम आदमी पार्टी से दूर हो रहा हूं. मैं इस पार्टी का फाउंडिंग मेंबर था. मुझसे ज्यादा इस पार्टी को शायद कोई जानता होगा. अब आम आदमी पुरानी पार्टी नहीं रही. मैंने 1 साल से पार्टी की गतिविधि से दूर था क्योंकि मैं उनके गुनाहों के साथ नहीं था. उनका दोस्ती के काबिल नहीं था क्योंकि उनके गलत कामों के साथ नहीं था."
"मेरे रास्ते आज से अलग हैं"
संदीप पाठक ने कहा, "मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी और ये आ गई. आज आम आदमी पार्टी से अपने रिश्ते अलग कर रहा हूं. मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की. सिर्फ एक मकसद से राजनीति में आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं. देश सेवा के मकसद से आम आदमी पार्टी में जुड़ा. मैंने हमेशा अरविंद केजरीवाल को आगे रखा. अब तक मैंने जो भी निर्णय लिया पार्टी को सर्वोपरि रखकर लिया. मैंने पूरी इमानदारी के साथ काम किया . देश में राजनीतिक दल रहने चाहिए. मेरे रास्ते आज से अलग हैं."
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