Trump and Putin: दुनिया की नजरें अलास्का में उस मुलाकात पर टिकी थीं, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आमने-सामने हुए. एलमेनडॉर्फ-रिचर्डसन एयरबेस पर पुतिन के विमान के उतरते ही सुरक्षा व्यवस्था और मीडिया की भारी भीड़ जमा थी. रेड कार्पेट पर चलते हुए पुतिन ट्रंप से मिले, जिन्होंने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
जैसे ही पुतिन कैमरों के सामने आए, पत्रकारों ने सवालों की बौछार शुरू कर दी. एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वे आम नागरिकों की हत्याओं को रोकेंगे. इस पर पुतिन ने मुस्कुराते हुए कान की ओर इशारा किया और संकेत दिया कि वे कुछ सुन नहीं रहे. इस बीच, ऊपर से अमेरिकी एयर फोर्स के लड़ाकू जेट और B-2 स्टील्थ बॉम्बर ने अपने विमानों की परेड दिखाई.
ट्रंप के साथ यात्रा और ऐतिहासिक मुलाकात
ट्रंप ने पुतिन का हाथ मिलाकर उन्हें अपनी गाड़ी ‘द बीस्ट’ तक पहुँचाया. पुतिन ने अपने रूसी काफिले के बजाय ट्रंप के काफिले में शामिल होकर अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ यात्रा की. यह पुतिन का 10 साल बाद अमेरिका का पहला दौरा था.
पुतिन का ट्रंप पर विश्वास
अलास्का में हुई बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि यदि 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होते, तो यूक्रेन के साथ यह संघर्ष शुरू ही नहीं होता. उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस के बीच पिछला दौर बहुत चुनौतीपूर्ण था और अब स्थिति को सुधारना बेहद जरूरी है.
यूक्रेन पर पुतिन का सख्त रुख
फरवरी 2022 में पुतिन ने यूक्रेन में लगभग 2 लाख सैनिक तैनात किए थे. उनका लक्ष्य कुछ ही दिनों में वहां की सरकार को बदलना और यूक्रेन को रूस के प्रभाव क्षेत्र में वापस लाना था. हालांकि वे पूरी तरह सफल नहीं हुए, फिर भी तीन वर्षों में रूस ने यूक्रेन के करीब 22% क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है.
युद्ध रोकने की शर्तें
पुतिन ने स्पष्ट किया कि युद्ध खत्म करने की शर्तें रूस के हितों के अनुरूप होंगी. यूक्रेन की विदेश और रक्षा नीति रूस के अनुसार तय हो. रूस यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों (लुहान्सक, खेरसन, क्रीमिया) को छोड़ने को तैयार नहीं है. यूक्रेन को नाटो सदस्यता नहीं मिलनी चाहिए. पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए जाएं.
रूस अमेरिकी और पश्चिमी कंपनियों के साथ नई आर्थिक डील चाहता है, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था फिर से मजबूत हो सके. अलास्का समिट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर यूक्रेन युद्ध और रूस-यूरोप संबंधों को लेकर. पुतिन और ट्रंप की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश देने वाली साबित हुई.
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