नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर आखिरकार नौ महीने बाद धरती पर लौट आए हैं. उन्होंने एलन मस्क की कंपनी SpaceX के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिए फ्लोरिडा तट पर लैंड किया. स्पेसएक्स की रिकवरी टीम उस जगह पर पहुंच गई है जहां बुधवार को ड्रैगन यान उतरा था, और उसे रिकवरी वाहन के जरिए बाहर निकाला गया. यह लैंडिंग भारतीय समय के अनुसार सुबह 3:27 बजे हुई, जैसा कि नासा ने पहले से तय किया था.
सुबह 3:27 बजे हुई लैंडिंग
सुनीता विलियम्स और उनके तीन साथी अंतरिक्ष यात्री अब स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकाले जा चुके हैं. सबसे पहले उनकी सेहत की जांच की जाएगी. ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को पानी से बाहर निकालकर रिकवरी पोत पर ले जाया गया है, जहां आगे की प्रक्रिया की जाएगी.
स्पेसक्राफ्ट के डीऑर्बिट बर्न की प्रक्रिया चल रही थी, जो लगभग आठ मिनट तक चली. इससे स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के लिए सही दिशा में मार्गदर्शन मिला, और यह अब फ्लोरिडा के तट पर अपने अंतिम स्पलैशडाउन स्थल के पास पहुंचने वाला था. सुनीता विलियम्स और उनके साथियों के स्पेसक्राफ्ट को धरती के वायुमंडल में प्रवेश के लिए तैयार किया गया था, और स्पलैशडाउन के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई थी. बुधवार को भारतीय समयानुसार सुबह 3:27 बजे यह तय लैंडिंग हुई.
Tune in for a splashdown!@NASA_Astronauts Nick Hague, Suni Williams, Butch Wilmore, and cosmonaut Aleksandr Gorbunov are returning to Earth in their @SpaceX Dragon spacecraft. #Crew9 splashdown is targeted for 5:57pm ET (2157 UTC). https://t.co/Yuat1FqZxw
— NASA (@NASA) March 18, 2025
सुनीता विलियम्स की वापसी ने एक नया इतिहास रच दिया
स्पेसक्राफ्ट के पानी पर स्पलैशडाउन होने की एक खास वजह यह है कि इससे दुर्घटना की संभावना काफी कम हो जाती है. इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति में ज्यादा समय और स्थान होता है ताकि हालात को सही किया जा सके. सुनीता विलियम्स की वापसी के बारे में पहली खुशखबरी यह थी कि फ्लोरिडा तट पर मौसम साफ था. स्पेसएक्स और नासा दोनों ही लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे, और मौसम के कारण कोई देरी नहीं हुई.
यह पल न केवल नासा के लिए, बल्कि पूरी दुनिया और खासकर भारत के लिए गर्व का कारण है. सुनीता विलियम्स की वापसी ने एक नया इतिहास रच दिया है. इस खुशी के मौके पर, सोशल मीडिया पर कई लोग उनके सुरक्षित लौटने की शुभकामनाएं दे रहे हैं. पूर्व इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुनीता विलियम्स की सुरक्षित वापसी को लेकर लगातार जानकारी ले रहे थे. पीएम मोदी ने सुनीता विलियम्स को पत्र लिखकर भारत आने का निमंत्रण भी दिया है.
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