क्या है बाब अल-मंडेब स्ट्रेट? जिसे बंद करने की धमकी दे रहा ईरान, तेल-गैस के लिए तरस जाएगी दुनिया!

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब एक नया मोड़ सामने आता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर फिर से हमला किया, तो ईरान बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने जैसा बड़ा कदम उठा सकता है.

What is Bab el-Mandeb Strait Iran is threatening to shut it down
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Bab el-Mandeb Strait: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब एक नया मोड़ सामने आता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर फिर से हमला किया, तो ईरान बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने जैसा बड़ा कदम उठा सकता है. इस चेतावनी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है.

क्या है बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य?

बाब अल-मंडेब एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जिसे “आंसुओं का द्वार” भी कहा जाता है. यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है. यह रास्ता यमन और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र (जिबूती और इरिट्रिया) के बीच स्थित है.

जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है, उसी तरह बाब अल-मंडेब भी यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की बड़ी कड़ी है.

इस रास्ते से कितना तेल गुजरता है?

वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्ग से होने वाले तेल और गैस परिवहन का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है.

  • करीब 12% तेल और एलएनजी सप्लाई इस मार्ग से गुजरती है
  • साल 2023 में प्रतिदिन लगभग 8.8 मिलियन बैरल तेल यहां से ट्रांसपोर्ट हुआ
  • यह मार्ग स्वेज नहर की ओर जाने वाले जहाजों के लिए भी बेहद जरूरी है

इससे साफ है कि यह रास्ता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है.

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

लाल सागर क्षेत्र पहले से ही अस्थिर बना हुआ है. यमन में सक्रिय हूती विद्रोही, जिन्हें ईरान का सहयोगी माना जाता है, पहले भी जहाजों पर हमले कर चुके हैं. गाजा संघर्ष के दौरान उन्होंने कई शिप्स को निशाना बनाया था.

अगर ईरान इस मार्ग को बंद करने की कोशिश करता है, तो हूती विद्रोही भी इसमें शामिल होकर हालात को और गंभीर बना सकते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, लाल सागर के इस रूट से हर साल करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के सामान का व्यापार होता है.

रास्ता बंद हुआ तो क्या होगा असर?

अगर बाब अल-मंडेब को बंद कर दिया जाता है, तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा.

  • जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा, यानी दक्षिण अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाना होगा
  • 20–25 दिन की यात्रा बढ़कर 30–40 दिन तक पहुंच सकती है
  • ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी, जिससे तेल, गैस और रोजमर्रा की चीजें महंगी होंगी
  • सप्लाई में देरी से कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा सकता है

ईरान और हूती साथ आए तो क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान और हूती विद्रोही खुलकर एक साथ आ गए और इस रास्ते को बाधित कर दिया, तो पूरा लाल सागर क्षेत्र असुरक्षित हो सकता है.

इसका परिणाम होगा:

  • तेल की कीमतों में तेज उछाल
  • वैश्विक व्यापार पर भारी असर
  • कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव

कुछ विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम ईरान की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में दबाव बनाकर वैश्विक संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है.

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