Petrol and Diesel Price: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल को लेकर बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने ईंधन पर लगने वाली अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है, जिससे आने वाले दिनों में आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
पेट्रोल और डीजल पर कितनी घटी ड्यूटी?
सरकार के नए फैसले के अनुसार:
इस कटौती के बाद उम्मीद की जा रही है कि तेल कंपनियां जल्द ही पेट्रोल-डीजल के दाम कम कर सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.
क्यों लिया गया यह फैसला?
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिससे कीमतों में तेजी आई थी. खासकर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी थी.
हालांकि, हाल ही में स्थिति में थोड़ी नरमी देखने को मिली है, जिससे तेल की कीमतों में गिरावट आई है.
कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी
हाल के कारोबारी सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई:
इस गिरावट की एक बड़ी वजह यह रही कि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले कुछ समय के लिए रोकने का फैसला लिया, जिससे बाजार में थोड़ी स्थिरता आई.
कैसे शुरू हुआ था यह तनाव?
इस पूरे संकट की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए. इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया.
इस संघर्ष में ईरान और लेबनान में भारी नुकसान हुआ है और हजारों लोगों की जान जा चुकी है. इस युद्ध का सीधा असर तेल सप्लाई पर पड़ा, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ गईं.
आम लोगों पर क्या होगा असर?
सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा आम जनता को मिल सकता है:
हालांकि, अंतिम कीमतों में कटौती तेल कंपनियों के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी.
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