कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने कानून-व्यवस्था को और सख्त बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान किया जाएगा, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और उद्योगों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
CM सुवेंदु ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि, "नए प्रावधान के तहत उपद्रवियों से हुए नुकसान की तीन गुना राशि वसूली जाएगी. भवानीपुर में नागरिक समाज और व्यापारिक समुदाय के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शांति, निवेश और कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है." उन्होंने कहा कि, "अब दंगे, हिंसक प्रदर्शन या तोड़फोड़ में क्षतिग्रस्त संपत्ति की कीमत 3 गुना वसूली जाएगी." उन्होंने ये भी कहा कि, "अगर कोई भुगतान नहीं करता तो उसकी संपत्ति की नीलामी भी की जाएगी. उन्होंने कहा कि संपत्तियों को निशाना बनाने पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा."
शनिवार (4 जुलाई) की शाम भवानीपुर में नागरिक समाज और व्यापारिक समुदाय के साथ बैठक में सीएम अधिकारी ने कहा कि, "हर किसी को विरोध का अधिकार है, लेकिन यह विरोध हिंसा में नहीं बदलना चाहिए और न ही इंडस्ट्रियल यूनिट को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए." उन्होंने कहा कि, "अगर कोई जबरदस्ती इंडस्ट्रियल यूनिट बंद करवाता है और उसमें तोड़फोड़ करता है तो उसे जेल भी होगी और उसे नुकसान की 3 गुना राशि जुर्माने के रूप में देनी होगी." उन्होंने कहा कि, "अगर क्षतिग्रस्त संपत्ति 1 करोड़ की है तो 3 करोड़ देने होंगे.सीएम ने साफ कहा कि अगर आरोपी जुर्माना नहीं भरता है तो उसकी संपत्ति की नीलामी करके नुकसान की वसूली की जाएगी."
लॉ एंड ऑर्डर पर सरकार सख्त
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को और सख्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. विधानसभा से पारित दो नए विधेयकों के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब हिंसक प्रदर्शन, संगठित अपराध और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर पहले से कहीं अधिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर बढ़ेगी जवाबदेही
28 जून को विधानसभा से पारित वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट के तहत दंगों, अवैध भीड़, हिंसक विरोध-प्रदर्शनों या किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ के दौरान सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
संगठित अपराध पर सख्ती
विधानसभा ने वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल को भी मंजूरी दी है. इस विधेयक में संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में बिना ट्रायल अधिकतम 12 महीने तक एहतियातन हिरासत में रखने का प्रावधान किया गया है. राज्य सरकार का कहना है कि इन दोनों कानूनों का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
सरकार के अनुसार, जब उद्योगों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचता है तो निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता है. नए कानूनी प्रावधानों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, जवाबदेही तय होगी और पश्चिम बंगाल में निवेश के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकेगा.
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