Ratna Debnath Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है. पार्टी लगभग 204 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे राज्य में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना मजबूत हो गई है. इसी बीच कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़ा एक मामला और उससे जुड़ी उम्मीदवार रत्ना देबनाथ भी सुर्खियों में हैं.
आरजी कर केस से जुड़ी उम्मीदवार बनी चर्चा का कारण
रत्ना देबनाथ इस बार बीजेपी के टिकट पर पानीहाटी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं. उनका नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई एक रेप और हत्या की पीड़िता की मां हैं. इस दर्दनाक घटना के बाद वह लगातार न्याय की लड़ाई लड़ती रही हैं और अब राजनीति में उतरकर अपनी आवाज को और मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं.
#WATCH | North 24 Parganas | Mother of the victim of the RG Kar Medical College rape and murder case & BJP candidate Ratna Debnath from the Panihati seat, says, "My daughter is the daughter of the entire nation. The whole world was watching Panihati. My fight does not end here.… pic.twitter.com/Dnq22MWwvr
— ANI (@ANI) May 4, 2026
वोटिंग के बीच सामने आई खुशी
चुनाव नतीजों के रुझान आने के दौरान रत्ना देबनाथ मीडिया के सामने नजर आईं. उनके चेहरे पर जीत की खुशी साफ दिखाई दे रही थी. उन्होंने कैमरे के सामने जीत का संकेत भी दिखाया, जिससे माहौल और भावुक हो गया. लोगों के बीच उनका यह पल काफी चर्चा में रहा, क्योंकि वह सिर्फ एक उम्मीदवार नहीं बल्कि एक दर्दभरी कहानी की प्रतिनिधि भी मानी जा रही हैं.
“मेरी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई”
पानीहाटी विधानसभा सीट, जो उत्तर 24 परगना जिले में आती है, वहां से रत्ना देबनाथ बीजेपी की उम्मीदवार हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी बेटी सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी है.
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं है. जब तक वह जिंदा हैं, वह न्याय के लिए संघर्ष करती रहेंगी. उनका कहना था कि यह मामला अभी अदालत में भी चल रहा है, इसलिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.
पानीहाटी सीट पर मजबूत बढ़त
चुनाव आयोग के शाम 6:24 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, रत्ना देबनाथ पानीहाटी सीट से लगभग 20,463 वोटों से आगे चल रही हैं. उनके सामने टीएमसी उम्मीदवार तीर्थांकर घोष हैं, जिन्हें वे बड़े अंतर से पीछे छोड़ती नजर आ रही हैं. अगर यही रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो रत्ना देबनाथ इस सीट से विधायक बन सकती हैं.
चुनाव का असर और आगे की तस्वीर
इस पूरे चुनाव में पानीहाटी सीट एक भावनात्मक और राजनीतिक रूप से बेहद अहम बन गई है. रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी ने इस सीट को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है. अब सबकी नजर अंतिम नतीजों पर है, जो तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या बीजेपी की बढ़त एक ऐतिहासिक जीत में बदल पाएगी या नहीं.
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