West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों को पार्टी ने बड़ा मौका दिया है. भाजपा ने सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक को राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है.
दिलचस्प बात यह है कि तीनों नेताओं ने गुरुवार को भाजपा की सदस्यता ली और कुछ ही घंटों बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का टिकट दे दिया. इसे भाजपा का बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.
जिन सीटों से इस्तीफा दिया, वहीं होगा उपचुनाव
राज्यसभा का उपचुनाव उन तीन सीटों पर कराया जा रहा है, जो इन नेताओं के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थीं. चुनाव आयोग ने इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान कराने का ऐलान किया है.
भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा के उप-चुनाव 2026 हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। pic.twitter.com/dTm6enYFjt
— BJP (@BJP4India) July 9, 2026
टीएमसी छोड़ने के बाद भाजपा में नई शुरुआत
पिछले महीने सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से लगातार चर्चा थी कि तीनों नेता किस पार्टी में जाएंगे. गुरुवार को इन सभी अटकलों पर विराम लग गया, जब तीनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली. इसके तुरंत बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया.
ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका?
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक टीएमसी के अहम नेताओं में गिने जाते थे. ऐसे नेताओं का पार्टी छोड़ना और फिर भाजपा से राज्यसभा का टिकट मिलना ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा बंगाल में सिर्फ विधानसभा की राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राज्यसभा में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है.
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