पश्चिम बंगाल के युवाओं के लिए खुशखबरी! चुनाव से पहले ममता सरकार ने दी 1500 रुपए बेरोजगारी भत्ते की सौगात

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी माहौल गर्म होता दिख रहा है और इसी बीच ममता बनर्जी सरकार ने युवाओं को सीधे तौर पर साधने वाला बड़ा ऐलान कर दिया है.

West Bengal govt announces Rs 1,500 unemployment allowance
Image Source: ANI

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी माहौल गर्म होता दिख रहा है और इसी बीच ममता बनर्जी सरकार ने युवाओं को सीधे तौर पर साधने वाला बड़ा ऐलान कर दिया है. गुरुवार को विधानसभा में पेश किए गए अंतरिम बजट के दौरान राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बेरोजगार युवाओं के लिए एक नई योजना की घोषणा की, जिसे चुनावी साल की सबसे अहम पहल माना जा रहा है.

बेरोजगार युवाओं को हर महीने मिलेगा 1500 रुपये

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि ममता बनर्जी सरकार एक नई योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 रुपये का भत्ता देगी. यह सहायता राशि युवाओं को तब तक मिलेगी, जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती या फिर अधिकतम पांच साल की अवधि पूरी नहीं हो जाती. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद करना है.

‘बांग्लार युवा साथी’ योजना से जुड़ेगा युवा वर्ग

इस नई पहल को ‘बांग्लार युवा साथी’ नाम दिया गया है. योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को इसका लाभ मिलेगा. वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने साफ किया कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस दोबारा सत्ता में लौटती है, तो इस योजना को 15 अगस्त से लागू कर दिया जाएगा. इस ऐलान को सीधे तौर पर युवा वोटरों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश

पश्चिम बंगाल सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया है. इस बजट में महिलाओं, युवाओं और राज्य सरकार के कर्मचारियों को खास तवज्जो दी गई है. सरकार ने सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि का प्रावधान किया है, ताकि चुनाव से पहले जनता के बीच सकारात्मक संदेश दिया जा सके.

महिलाओं और कर्मचारियों को भी मिली राहत

अंतरिम बजट में महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि फरवरी से 500 रुपये बढ़ाने का ऐलान किया गया है. इसके अलावा राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा भी की गई है. वहीं, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी कर सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों को भी राहत देने की कोशिश की है.

ये भी पढ़ें: ट्रेड डील, विकसित भारत, विपक्ष पर हमला... राज्यसभा में पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें