कुछ बड़ा होने वाला है? ईरान पर फिर बरसे डोनाल्ड ट्रंप, कहा - खो दिया मौका, अब चुकानी होगी कीमत

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सेना अब पहले जैसी क्षमता नहीं रखती और उसका सैन्य ढांचा गंभीर रूप से कमजोर हो चुका है.

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West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सेना अब पहले जैसी क्षमता नहीं रखती और उसका सैन्य ढांचा गंभीर रूप से कमजोर हो चुका है. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं. ट्रंप ने एक बयान में कहा, "ईरान की सेना पूरी तरह और संपूर्ण रूप से अव्यवस्थित हो चुकी है. इसका बड़ा हिस्सा, जैसे उसकी नौसेना और वायुसेना, अब लगभग अस्तित्व में ही नहीं है. उन्हें पूरी तरह पराजित कर दिया गया है."

ईरान की सैन्य स्थिति पर ट्रंप का तीखा हमला

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा, "ईरान की सेना पूरी तरह और संपूर्ण रूप से अव्यवस्थित हो चुकी है. इसका बड़ा हिस्सा, जैसे उसकी नौसेना और वायुसेना, अब लगभग अस्तित्व में ही नहीं है. उन्हें पूरी तरह पराजित कर दिया गया है." उन्होंने आगे कहा कि "ईरान सिर्फ बातें करता है, कार्रवाई नहीं करता. पश्चिम एशिया का दबंग अब खत्म हो चुका है." ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते का जिक्र करते हुए कहा, "उन्होंने ऐसे समझौते पर बातचीत करने में बहुत देर कर दी, जो उनके लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता था. अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी."

समझौते में देरी पर भी साधा निशाना

ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि तेहरान ने बातचीत का सही अवसर गंवा दिया. उनके अनुसार ईरान ऐसे समझौते पर बातचीत करने में बहुत देर कर चुका है, जो उसके लिए लाभदायक साबित हो सकता था. ट्रंप ने कहा, "उन्होंने ऐसे समझौते पर बातचीत करने में बहुत देर कर दी, जो उनके लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता था. अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी." इस बयान को अमेरिका की कड़ी रणनीतिक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.

अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के बाद बढ़ा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया, जब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी-संबंधित ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया. इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है. इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिराए जाने की रिपोर्टों के बाद उसने आत्मरक्षा में ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया था.

ईरान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी

अमेरिका के आरोपों और सैन्य कार्रवाइयों के बीच ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा. उनका कहना है कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा. उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

इस्राइल के खिलाफ एर्दोगन का तीखा बयान

इस बीच तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इस्राइल की सैन्य कार्रवाइयों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि सीरिया और लेबनान पर इस्राइल के हमले अब तुर्किये के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं. एर्दोगन ने कहा, "अगर इस्राइली बर्बरता को नहीं रोका गया, तो इसके नतीजे पूरे क्षेत्र और समस्त मानवता को भुगतने होंगे." उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्राइल की आक्रामकता को रोकना मानवता का कर्तव्य है और इतिहास को दोबारा खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

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