Meta Apology: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी देश के प्रधानमंत्री की पोस्ट अचानक गायब हो जाए तो यह केवल एक तकनीकी घटना नहीं रहती, बल्कि राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन जाती है. ऐसा ही मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक पोस्ट के साथ सामने आया, जिसने कुछ ही घंटों में देशभर में बहस छेड़ दी. करोड़ों लोगों तक पहुंचने वाले इस वीडियो के अचानक हटने पर सवाल उठे, विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की ओर से प्रतिक्रियाएं आईं और आखिरकार Meta को सफाई देते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी. कंपनी ने माना कि यह किसी नीति के तहत नहीं, बल्कि तकनीकी त्रुटि के कारण हुआ था और गलती का पता चलते ही वीडियो को दोबारा बहाल कर दिया गया.
Meta releases a statement on blocking PM Modi's video on Facebook.
— ANI (@ANI) July 28, 2026
"The content was removed in error and has since been restored." says a Meta Spokesperson. pic.twitter.com/SZ082SY5kw
तकनीकी गलती के कारण हटा था पीएम मोदी का वीडियो
Meta ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक वीडियो तकनीकी समस्या की वजह से प्लेटफॉर्म से हट गया था. कंपनी के मुताबिक, जैसे ही इस गलती की जानकारी मिली, उसे तुरंत ठीक किया गया और वीडियो को दोबारा प्रकाशित कर दिया गया. Meta ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा कि यह किसी तरह की जानबूझकर की गई कार्रवाई नहीं थी. यह वीडियो प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर साझा किया था. वीडियो सेल्फी मोड में रिकॉर्ड किया गया था और कुछ ही समय में इसे लाखों लोग देख चुके थे. अचानक पोस्ट के गायब होने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई.
छात्रों को दिया था भरोसे का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने यह वीडियो उस समय जारी किया था जब पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. वीडियो के जरिए उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक जैसे मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे. साथ ही ऐसे अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा और इस दिशा में संसद में कानून भी लाया जाएगा. सरकार का उद्देश्य छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
वीडियो हटने के बाद सरकार ने मांगा जवाब
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री का वीडियो हटने के बाद सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया. बताया गया कि Meta के ग्लोबल अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा गया और कंपनी से पूरी घटना की जानकारी देने को कहा गया. इसके बाद Meta ने तकनीकी त्रुटि स्वीकार करते हुए वीडियो को बहाल किया और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी. कंपनी का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सिस्टम की समीक्षा की जा रही है.
बीजेपी नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने उठाए सवाल
वीडियो हटने के बाद बीजेपी नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने Meta की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी पोस्ट भारत में दिखाई नहीं दे रही है. उन्होंने पूछा कि आखिर किस वजह से इतनी महत्वपूर्ण पोस्ट को हटाया गया और इसके पीछे किसका निर्देश था. बग्गा ने इस घटना को गंभीर बताते हुए Meta से पारदर्शी जवाब देने की मांग की.
37 दिन तक चला कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 37 दिनों तक लगातार आंदोलन चलाया. इस दौरान संगठन ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगें सरकार के सामने रखीं. आंदोलन के दौरान CJP ने संसद मार्च का भी ऐलान किया था. संगठन की प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल था. बाद में सरकार की ओर से कई आश्वासन मिलने के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी पर फिर उठे सवाल
प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से साझा किया गया वीडियो हटने की घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम पर बहस छेड़ दी है. हालांकि Meta ने इसे तकनीकी गलती बताया है, लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि बड़े सार्वजनिक पदों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों के साथ ऐसी चूक कैसे हो सकती है. फिलहाल वीडियो दोबारा उपलब्ध है और Meta ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है.
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