J-K: उड़ी में LoC पर जोरदार धमाका! माइन ब्लास्ट की चपेट में आए 2 जवान, एयरलिफ्ट कर भेजे गए श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब एक बार फिर सुरक्षा चुनौतियों की गंभीर तस्वीर सामने आई है. उड़ी सेक्टर के कामालकोट इलाके में मंगलवार को हुए माइन विस्फोट में भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए.

Jammu Kashmir Uri-LoC-Mine-Blast-Injures-Two-Army-Soldiers
Image Source: Internet

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब एक बार फिर सुरक्षा चुनौतियों की गंभीर तस्वीर सामने आई है. उड़ी सेक्टर के कामालकोट इलाके में मंगलवार को हुए माइन विस्फोट में भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए. यह घटना उस समय हुई जब जवान अपनी नियमित ड्यूटी और गश्त पर तैनात थे. धमाके के बाद इलाके में तुरंत सुरक्षा गतिविधियां बढ़ा दी गईं और सेना ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया.

अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट के पास हुआ धमाका

अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा उड़ी के कामालकोट सब-सेक्टर में स्थित अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट के नजदीक हुआ. यह क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के अंतर्गत 8 राष्ट्रीय राइफल्स (8 RR) की यूनिट तैनात है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, जवान इलाके में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, तभी अचानक एक पुरानी माइन में जोरदार विस्फोट हो गया. धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास मौजूद जवानों को तुरंत घटना की जानकारी मिल गई.

माइन ब्लास्ट की चपेट में आए दो बहादुर जवान

इस विस्फोट में 8 राष्ट्रीय राइफल्स के दो जवान घायल हुए हैं. घायल सैनिकों की पहचान दफादार विजय कुमार और नायक शरणप्पा अंगारी के रूप में हुई है. दोनों जवान लंबे समय से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सीमा क्षेत्र में तैनात होकर देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं. हादसे के बाद उनके साथी जवानों ने तेजी दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई.

हेलीकॉप्टर से श्रीनगर के सेना अस्पताल पहुंचाया गया

घटना के तुरंत बाद घायल जवानों को प्राथमिक उपचार दिया गया और बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से श्रीनगर स्थित बादामीबाग सेना बेस अस्पताल पहुंचाया गया. फिलहाल दोनों जवानों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है. सेना के अधिकारी लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और हर जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

LoC पर तैनाती के बीच सेना की सतर्कता बढ़ी

उड़ी सेक्टर में LoC के पास जवानों की तैनाती हमेशा चुनौतीपूर्ण रहती है, क्योंकि यह इलाका घुसपैठ और सुरक्षा खतरों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है. इस घटना के बाद सेना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है. माइन विस्फोट जैसी घटनाएं सीमा क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए लगातार खतरा बनी रहती हैं, लेकिन भारतीय सेना के जवान पूरी सतर्कता और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: असम में बाढ़ का कहर, पीएम मोदी ने लिया हालात का जायजा, सांसदों के साथ की समीक्षा बैठक