नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच नाथू ला दर्रे से सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू होने जा रहा है. करीब छह साल बाद 1 अगस्त से दोनों देशों के बीच इस ऐतिहासिक रास्ते से कारोबार फिर शुरू होगा. कोरोना महामारी के दौरान 2020 में इस मार्ग से व्यापार रोक दिया गया था.
व्यापार दोबारा शुरू होने से सीमा से जुड़े इलाकों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है. साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को भी मजबूती मिल सकती है.
क्या है नाथू ला दर्रा?
नाथू ला दर्रा सिक्किम में करीब 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यह कभी प्राचीन सिल्क रूट का अहम हिस्सा हुआ करता था.
सिल्क रूट कोई एक सड़क नहीं थी, बल्कि कई व्यापारिक रास्तों का बड़ा नेटवर्क था. इसके जरिए एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच सामान, संस्कृति और विचारों का आदान-प्रदान होता था.
सिक्किम से गुजरने वाला यह रास्ता तिब्बत के ल्हासा से जुड़ता था और आगे पश्चिम बंगाल के तामलुक बंदरगाह तक जाता था. वहां से समुद्री मार्ग के जरिए श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों तक व्यापार होता था.
2006 में दोबारा खुला था रास्ता
1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद नाथू ला दर्रा कई दशकों तक बंद रहा. करीब 44 साल बाद 6 जुलाई 2006 को इस रास्ते से सीमा व्यापार फिर शुरू किया गया था. इसका मकसद सीमा से जुड़े इलाकों में व्यापार बढ़ाना और स्थानीय लोगों को आर्थिक फायदा पहुंचाना था.
हर साल यह व्यापारिक मार्ग आमतौर पर मई से नवंबर तक खुला रहता है, लेकिन 2020 में कोरोना महामारी के कारण इसे बंद कर दिया गया था.
किन लोगों को होगा फायदा?
नाथू ला से व्यापार दोबारा शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा सिक्किम के करीब 600 पंजीकृत व्यापारियों को मिलने की उम्मीद है.
पिछले छह साल से सीमा व्यापार बंद होने के कारण ये व्यापारी कारोबार नहीं कर पा रहे थे. अब उनके लिए फिर से व्यापार के नए अवसर खुलेंगे.
किन चीजों का होगा व्यापार?
नाथू ला दर्रे से दोनों देशों के बीच केवल तय सामानों का ही व्यापार होता है. चीन की ओर से तिब्बत क्षेत्र से कच्चा रेशम, ऊन, याक के बाल और मिट्टी के बर्तन भारत भेजे जाते हैं.
वहीं भारत की ओर से चाय, कॉफी, कपड़े, कंबल और हस्तशिल्प जैसी चीजें चीन भेजी जाती हैं.
रिश्तों में सुधार का संकेत
नाथू ला व्यापार दोबारा शुरू होना भारत और चीन के रिश्तों में सुधार का संकेत माना जा रहा है.
इससे पहले दोनों देशों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा भी फिर से शुरू करने का फैसला लिया था. अब सीमा व्यापार बहाल होने से दोनों देशों के बीच आर्थिक और लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ने की उम्मीद है.
ये भी पढ़ें- PoK में जल्लाद बनी पाकिस्तानी सेना, प्रदर्शनकारियों पर की अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत, देखें Video