विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास: केवल वनडे खेलते रहेंगे; कहा- 'मैं अपने टेस्ट करियर को खुशी से याद रखूंगा'

टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है.

Virat Kohli retires from Test cricket
विराट कोहली | Photo: ANI

भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए आज का दिन भावुक कर देने वाला है. टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है. यह फैसला उन्होंने इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले लिया है. इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर कोहली ने खुद अपने फैसले की जानकारी दी, जिससे क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है.

इस फैसले के साथ ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट का एक स्वर्णिम युग अपने अंत पर पहुंच गया. रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के महज पांच दिन बाद विराट का यह फैसला आया है, जिसने फैंस को चौंका दिया है. लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ रहे कोहली का यह सफर 14 साल लंबा रहा—एक ऐसा सफर जिसमें उन्होंने ना सिर्फ रन बनाए बल्कि एक पूरी पीढ़ी को टेस्ट क्रिकेट से फिर से जोड़ दिया.

इंस्टाग्राम पर कोहली का इमोशनल पोस्ट

विराट ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज से 14 साल पहले जब मैंने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में बैगी ब्लू कैप पहनी थी, तब अंदाजा नहीं था कि यह सफर मुझे कहां ले जाएगा. इस फॉर्मेट ने मेरी परीक्षा ली, मुझे निखारा और कई ऐसे सबक सिखाए जो मैं ताउम्र याद रखूंगा.”

उन्होंने आगे लिखा कि सफेद जर्सी में खेलना उनके लिए एक गहराई भरा अनुभव रहा है—ऐसा सफर जिसमें शांत संघर्ष, लंबे खेल दिन और ऐसे पल शामिल हैं जो भले दुनिया न देखे, लेकिन खिलाड़ी के भीतर हमेशा जिंदा रहते हैं.

“यह फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन अब सही समय लगता है. मैंने इस खेल को अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है, और इस खेल ने मुझे कल्पना से कहीं ज्यादा लौटाया है.”

उन्होंने अपने सभी साथियों, कोचों, फैंस और उस हर व्यक्ति का शुक्रिया अदा किया, जो इस लंबे टेस्ट करियर में उनके साथ रहे. अपनी पोस्ट का अंत उन्होंने अपने टेस्ट कैप नंबर #269 और "साइनिंग ऑफ" के साथ किया.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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कोहली का टेस्ट सफर

विराट कोहली ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और धीरे-धीरे खुद को दुनिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार कराया. उन्होंने 111 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें 29 शतक और 8848 रन बनाए. कप्तानी के तौर पर भी उन्होंने भारत को टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचाया और ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाई.

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