वरुण गांधी की राजनीतिक यात्रा में एक नया मोड़ आया है. एक साल के अंतराल के बाद, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर सक्रियता फिर से शुरू की है. उनका यह कदम उनके राजनीतिक रुख में बदलाव या पुनः सक्रियता की ओर संकेत करता है.
वरुण गांधी ने अपनी पहली पोस्ट में देशवासियों से अपील की है कि वे इन चुनौतीपूर्ण समय में भारतीय सेना के साथ खड़े रहें. उन्होंने इसे केवल युद्ध नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं के टकराव के रूप में प्रस्तुत किया. उन्होंने भारत को मानवता, शांति और लोकतंत्र का प्रतीक बताया, जबकि पाकिस्तान को कट्टरता और आतंकवाद का प्रतिनिधि बताया.
उन्होंने लिखा कि, 'इन चुनौतीपूर्ण क्षणों में देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह हमारी सेना के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहे. यह मात्र एक युद्ध नहीं, दो विचारधाराओं का टकराव है और पूरी दुनिया इसकी साक्षी है. एक ओर भारत है, जो मानवता, शांति और लोकतंत्र का प्रहरी है; दूसरी ओर पाकिस्तान, जो कट्टरता, अस्थिरता और आतंक का प्रतीक बन चुका है.'
वरुण गांधी ने की पीएम मोदी की सराहना
इसके अलावा वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. उन्होंने लिखा कि, 'आज पूरा देश एकजुट होकर वीर सैनिकों के बलिदान और पराक्रम को सलाम कर रहा है. हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के सशक्त नेतृत्व पर गर्व है, जिसने दृढ़ संकल्प के साथ दुनिया को दिखा दिया है कि मानवता और न्याय की रक्षा में भारत कभी पीछे नहीं हटेगा. दुनिया अब जान और समझ गई है कि ‘नया भारत’ निर्णय लेने से डरता नहीं है. वह हर नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च मानता है. जय हिन्द, जय हिन्द की सेना.'
इन चुनौतीपूर्ण क्षणों में देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह हमारी सेना के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहे।
— Varun Gandhi (@varungandhi80) May 9, 2025
यह मात्र एक युद्ध नहीं, दो विचारधाराओं का टकराव है और पूरी दुनिया इसकी साक्षी है। एक ओर भारत है, जो मानवता, शांति और लोकतंत्र का प्रहरी है; दूसरी ओर पाकिस्तान, जो…
सोशल मीडिया पर एक साल से गायब थे वरुण गांधी
वरुण गांधी ने आखिरी बार 28 मार्च 2024 को सोशल मीडिया पर सक्रियता दिखाई थी, जब उन्होंने पीलीभीत की जनता के नाम एक पत्र पोस्ट किया था. उसके बाद से वे सोशल मीडिया पर शांत थे. बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया और उनकी जगह केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को पीलीभीत से उम्मीदवार बनाया. इसके बाद, वरुण गांधी ने अपनी मां मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र में प्रचार किया, लेकिन वह सीट भी बीजेपी हार गई.
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