TATA Mumbai Half Marathon: महाराष्ट्र सरकार में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव इकबाल सिंह चहल ने एक बार फिर अपनी फिटनेस, अनुशासन और निरंतरता का उदाहरण पेश किया है. उन्होंने रविवार को आयोजित टाटा मुंबई हाफ मैराथन के 21वें संस्करण में भाग लेकर 21 किलोमीटर की दौड़ को 2 घंटे 14 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा किया. यह उपलब्धि अपने आप में खास है, लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि उन्होंने इस प्रतिष्ठित मैराथन के सभी 21 वार्षिक संस्करणों को पूरा करने का दुर्लभ गौरव हासिल किया है.
इकबाल सिंह चहल ने फर्स्ट इंडिया के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने साल 2004 में टाटा मुंबई हाफ मैराथन की शुरुआत से ही इसमें लगातार हिस्सा लिया है. पिछले 21 वर्षों में उन्होंने एक भी संस्करण मिस नहीं किया और हर साल 21 किलोमीटर की चुनौती को स्वीकार करते हुए दौड़ पूरी की. यह निरंतरता उन्हें देश के उन चुनिंदा धावकों में शामिल करती है, जिन्होंने इस मैराथन के इतिहास में हर संस्करण में भाग लेकर उसे सफलतापूर्वक पूरा किया है.
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ फिटनेस का संतुलन
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होने के बावजूद इकबाल सिंह चहल ने यह साबित किया है कि व्यस्त कार्यशैली और शारीरिक फिटनेस के बीच संतुलन बनाया जा सकता है. गृह विभाग जैसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दायित्व निभाने के साथ-साथ उन्होंने नियमित अभ्यास और अनुशासन के जरिए खुद को हर साल इस मैराथन के लिए तैयार रखा. उनकी यह उपलब्धि युवाओं और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.
टाटा मुंबई हाफ मैराथन का खास महत्व
टाटा मुंबई हाफ मैराथन देश की सबसे प्रतिष्ठित रोड रेस में गिनी जाती है. हर साल इसमें हजारों पेशेवर और शौकिया धावक हिस्सा लेते हैं. इस मंच पर लगातार 21 वर्षों तक दौड़ पूरी करना न सिर्फ शारीरिक क्षमता बल्कि मानसिक दृढ़ता का भी प्रमाण है. इकबाल सिंह चहल की यह उपलब्धि इस आयोजन के इतिहास में एक खास अध्याय जोड़ती है.
फिट इंडिया की मिसाल बने इकबाल सिंह चहल
इकबाल सिंह चहल की यह सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ‘फिट इंडिया’ की भावना को भी मजबूती देती है. उन्होंने यह दिखाया कि उम्र, पद या व्यस्तता फिटनेस के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती. उनकी इस उपलब्धि की खेल प्रेमियों और प्रशासनिक जगत में व्यापक सराहना हो रही है.
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