India World Cup Plan: गंभीर का वर्ल्ड कप मास्टरप्लान! अय्यर के बैकअप के लिए इस धुरंधर पर लगाएंगे बड़ा दांव

Team India ODI World Cup Plan: वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच टीम इंडिया मिडिल ऑर्डर को और मजबूत करने में जुटी है. श्रेयस अय्यर के बैकअप के तौर पर तिलक वर्मा को तैयार करने पर विचार किया जा रहा है.

team-india-tilak-varma-shreyas-iyer-odi-world-cup-backup
Image Source: Internet

India ODI World Cup Plan: अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती मिडिल ऑर्डर में मजबूत बैकअप तैयार करने की है. खास तौर पर श्रेयस अय्यर के विकल्प को लेकर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नजर युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा पर है. बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ तिलक की ऑफ स्पिन भी उन्हें टीम के लिए अतिरिक्त उपयोगी विकल्प बना सकती है.

टॉप-6 में अय्यर के बैकअप बन सकते हैं तिलक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल मिडिल ऑर्डर के लिए ऐसा बैकअप चाहते हैं, जिस पर बड़े टूर्नामेंट में भरोसा किया जा सके. मौजूदा विकल्पों में ऑलराउंड क्षमता की कमी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की फिटनेस को देखते हुए टीम ऐसे खिलाड़ी की तलाश में है, जो टॉप-6 में बल्लेबाजी करने के साथ जरूरत पड़ने पर कुछ ओवर गेंदबाजी भी कर सके. तिलक वर्मा इस भूमिका के लिए टीम की नजर में एक विकल्प बनकर उभरे हैं.

तिलक की ऑफ स्पिन भी हो सकती है बड़ा हथियार

तिलक वर्मा की बल्लेबाजी के अलावा उनकी ऑफ स्पिन पर भी टीम मैनेजमेंट की नजर है. अगर वह अपनी गेंदबाजी पर लगातार काम करते हैं और चार-पांच ओवर निकालने लायक भरोसेमंद विकल्प बनते हैं, तो इससे भारतीय टीम के प्लेइंग इलेवन का संतुलन बेहतर हो सकता है. भारतीय टॉप ऑर्डर में दाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या ज्यादा होने की स्थिति में तिलक जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज का शामिल होना भी टीम को अतिरिक्त संतुलन दे सकता है. इससे विपक्षी गेंदबाजों के लिए रणनीति बनाना भी थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

अक्षर और सुंदर को ऊपर भेजने से बचना चाहती है टीम

हाल के समय में टीम इंडिया को प्लेइंग इलेवन का संतुलन बनाने के लिए अक्षर पटेल या वॉशिंगटन सुंदर को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजना पड़ा है. टीम मैनेजमेंट अब इस तरह के समझौते से बचना चाहता है और खिलाड़ियों को उनकी स्वाभाविक भूमिका के मुताबिक तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. इसी रणनीति के तहत चयनकर्ता बल्लेबाजों को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग नंबर पर आजमाने के बजाय उनकी विशेषज्ञ भूमिका में तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

ऋतुराज और पडिक्कल से भी जुड़ा है टीम का प्लान

पिछले साल ऋतुराज गायकवाड़ को नंबर-4 पर मौका दिया गया था. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रायपुर में शतक भी लगाया, लेकिन इसके बाद वह वनडे टीम में लगातार नजर नहीं आए. टीम मैनेजमेंट का मानना है कि अगर किसी खिलाड़ी ने ओपनिंग में अपनी जगह बनाई है, तो उसे उसी भूमिका में तैयार करना बेहतर होगा. इसी वजह से देवदत्त पडिक्कल को भी जल्दबाजी में वनडे सेटअप में शामिल करने के बजाय उन्हें उनकी स्वाभाविक भूमिका में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.

अफ्रीकी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयारी

अगला वनडे वर्ल्ड कप अफ्रीकी महाद्वीप में खेला जाना है. ऐसे में टीम मैनेजमेंट अभी से तेज गेंदबाजी, उछाल और शॉर्ट पिच गेंदों जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर खिलाड़ियों को तैयार करना चाहता है. श्रेयस अय्यर के खिलाफ शॉर्ट पिच गेंदों को लेकर उनकी कमजोरी की चर्चा भी टीम के भीतर रही है. वह पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल हुए थे. ऐसे में मिडिल ऑर्डर के लिए ऐसा बैकअप तैयार करना टीम की प्राथमिकताओं में शामिल है, जो अलग-अलग परिस्थितियों में प्रभावी प्रदर्शन कर सके.

ये भी पढ़ें- Hockey World Cup: अर्जेंटीना बनी विश्व चैंपियन, नीदरलैंड को हराकर जीता महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 खिताब