Uttrakhand: UCC में होने वाले हैं बड़े बदलाव, इन मामलों में सजा होगी और सख्त

Uttarakhand UCC: उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता में महत्वपूर्ण संशोधन पेश किया है. अब विवाह पंजीकरण कराने की समय सीमा छह महीने से बढ़ाकर एक साल कर दी गई है, जिससे पंजीकरण कराने वाले दंपतियों को ज्यादा सुविधा मिलेगी.

Uttarakhand Big changes are going to happen in UCC punishment more strict in these cases
Image Source: ANI/ File

Uttarakhand UCC: उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता में महत्वपूर्ण संशोधन पेश किया है. अब विवाह पंजीकरण कराने की समय सीमा छह महीने से बढ़ाकर एक साल कर दी गई है, जिससे पंजीकरण कराने वाले दंपतियों को ज्यादा सुविधा मिलेगी. साथ ही, दंड व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है.

मंगलवार को विधानसभा में संशोधन अधिनियम पेश किया गया, जो बुधवार को पारित हो सकता है. इसमें 26 मार्च 2020 से लागू अधिनियम के बाद हुए विवाहों के पंजीकरण की सीमा छह महीने से बढ़ाकर एक साल की गई है. इससे पंजीकरण में हुई देरी के लिए जुर्माना और दंड का प्रावधान भी किया गया है.

दंड प्रावधान हुए सख्त

समान नागरिक संहिता की धाराओं में संशोधन करते हुए बल, दबाव या धोखे से सहवास संबंध स्थापित करने वालों को अब सात साल की जेल और जुर्माना भुगतना होगा. धोखे से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों पर भी यह प्रावधान लागू होगा, जब तक कि उन्होंने वैध कानूनी कार्रवाई पूरी न की हो.

व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान

अधिनियम में व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए संशोधन किए गए हैं. दंड प्रक्रिया संहिता की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का सही उल्लेख किया गया है, साथ ही पेनल्टी और शुल्क के बीच भी सुधार किए गए हैं.

नई धाराओं का परिचय

अधिनियम में दो नई धाराएं भी जोड़ी गई हैं. पहली के तहत विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप या उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण को रजिस्ट्रार जनरल निरस्त कर सकेंगे. दूसरी के तहत भू-राजस्व बकाए की तरह जुर्माने की वसूली के लिए आरसी कटौती का प्रावधान रखा गया है.

यह भी पढ़ें- धोखेबाज निकले ट्रंप, फिर अपनी बात से पलटे! अब क्या करेंगे जेलेंस्की?