Budget 2026: केंद्र सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट ने उत्तर प्रदेश के लिए विकास के नए रास्ते खोल दिए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में यूपी को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिलने का अनुमान है. बजट सामने आते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अहम बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. केंद्र से मिलने वाली इस बड़ी धनराशि के आधार पर अब राज्य सरकार अपने आगामी बजट और विकास योजनाओं को अंतिम रूप देगी.
केंद्रीय करों से बढ़ी यूपी की हिस्सेदारी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय करों से उत्तर प्रदेश को 2.69 लाख करोड़ रुपये मिलने वाले हैं. यह राशि चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में अधिक है, जिसमें राज्य को इस मद से करीब 2.55 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय करों में बढ़ी हिस्सेदारी से राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी.
विकास कार्यों के लिए ब्याजमुक्त ऋण
केंद्र सरकार की ओर से पूंजीगत निवेश यानी विकास कार्यों के लिए राज्यों को दी जाने वाली ब्याजमुक्त ऋण योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 22 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे. चालू वित्तीय वर्ष में यह राशि करीब 18 हजार करोड़ रुपये थी. इस बढ़ोतरी से सड़कों, पुलों, शहरी और ग्रामीण विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
केंद्र सहायतित योजनाओं से बड़ी मदद
केंद्र सहायतित योजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिलने की संभावना है. इसके अलावा, केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य को 10 से 12 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. यूपी के वित्त विभाग का अनुमान है कि विभिन्न केंद्रीय योजनाओं से भी राज्य को 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता प्राप्त होगी.
चार लाख करोड़ से ज्यादा का फायदा
इन सभी मदों को मिलाकर वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश को करीब 4.18 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में इसी तरह की मदों से राज्य को लगभग 3.92 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने हैं. केंद्र से मिलने वाली इस बढ़ी हुई राशि से राज्य सरकार को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाएं बनाने में सहूलियत मिलेगी.
हाई-स्पीड रेल से बदलेगी कनेक्टिविटी
बजट में उत्तर प्रदेश के लिए कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है. वित्त मंत्री ने वाराणसी–सिलीगुड़ी और दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है. इन परियोजनाओं के जरिए यूपी को कुल 1500 किलोमीटर की हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं
बजट में राज्य के सभी 75 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है. इससे दूर-दराज़ के इलाकों से पढ़ाई या नौकरी के लिए आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सकेगा. इसके साथ ही कंटेनर निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष बजट और नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क की घोषणा भी की गई है, जो औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगी.
तीर्थ स्थलों और सामाजिक विकास पर फोकस
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास की भी घोषणा की है. इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी. महिलाओं के सामाजिक और शैक्षिक उत्थान के लिए गर्ल्स हॉस्टल जैसी योजनाएं राज्य में शिक्षा के अवसरों को और व्यापक बनाएंगी.
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