CNG यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब गाड़ी चलाना होगा और सस्ता, बजट में बायोगैस पर जीरो टैक्स का हुआ ऐलान

Union Budget 2026: महंगे पेट्रोल और डीजल ने पिछले कुछ सालों में आम आदमी की ड्राइविंग को भारी खर्च वाला सौदा बना दिया है. ऐसे माहौल में CNG एक ऐसा विकल्प बनकर उभरा, जिसने न सिर्फ जेब पर बोझ कम किया बल्कि पर्यावरण को भी राहत दी.

Union Budget 2026 CNG to Get Cheaper as Government Removes Excise Duty on Biogas
Image Source: Social Media

Union Budget 2026: महंगे पेट्रोल और डीजल ने पिछले कुछ सालों में आम आदमी की ड्राइविंग को भारी खर्च वाला सौदा बना दिया है. ऐसे माहौल में CNG एक ऐसा विकल्प बनकर उभरा, जिसने न सिर्फ जेब पर बोझ कम किया बल्कि पर्यावरण को भी राहत दी. अब बजट 2026 में सरकार ने इस विकल्प को और मजबूत करने का संकेत दे दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोगैस मिक्स CNG को लेकर ऐसा फैसला किया है, जो आने वाले समय में सस्ती ड्राइविंग और हरित ऊर्जा—दोनों का रास्ता साफ करता है.

बायोगैस मिक्स CNG को मिला टैक्स से सीधा फायदा

केंद्रीय बजट पेश करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि अब बायोगैस मिक्स CNG पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की गणना में बायोगैस के मूल्य को शामिल नहीं किया जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि जिस हिस्से में बायोगैस का उपयोग होगा, उस पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. पहले टैक्स की गणना पूरे फ्यूल वैल्यू पर होती थी, जिससे बायोगैस की मौजूदगी के बावजूद कीमत ज्यादा बनी रहती थी. नए नियम के बाद यह बोझ खत्म हो जाएगा.

पुरानी टैक्स व्यवस्था ने कैसे बढ़ाई कीमत?

बजट 2026 से पहले रेगुलर CNG पर करीब 14 प्रतिशत तक सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगती थी. इस वजह से प्रति किलो CNG की कीमत में 14 से 15 रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स जुड़ जाता था. साल 2023 में सरकार ने कुछ राहत जरूर दी थी, लेकिन वह राहत सीमित थी. तब केवल बायोगैस पर चुकाए गए GST को ही एक्साइज से घटाया गया था, जबकि बायोगैस के पूरे मूल्य पर छूट नहीं दी गई थी. नतीजा यह रहा कि टैक्स का असर उपभोक्ताओं की जेब पर बना रहा.

नई व्यवस्था से कितनी सस्ती पड़ेगी ड्राइविंग

अब बायोगैस के पूरे मूल्य पर एक्साइज ड्यूटी शून्य होने से बायोगैस मिक्स CNG की कीमत में सीधे तौर पर कमी आएगी. अनुमान है कि प्रति किलो कुछ रुपये तक की राहत मिल सकती है. रोजाना CNG से कार, ऑटो या टैक्सी चलाने वाले लोगों के लिए यह राहत महीने के खर्च में साफ दिखाई देगी. कमर्शियल वाहन ऑपरेटर्स के लिए यह फैसला और भी फायदेमंद साबित हो सकता है.

आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर को फायदा

इस टैक्स ब्रेक का असर सिर्फ निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा. ऑटो, टैक्सी और माल ढोने वाले CNG ट्रक चलाने वालों की ईंधन लागत भी घटेगी. डीजल के मुकाबले CNG पहले ही सस्ता विकल्प है और अब यह अंतर और बढ़ेगा. इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर की लागत घटेगी, जिसका असर अंततः महंगाई पर भी पड़ सकता है.

पर्यावरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

सरकार इस फैसले को सिर्फ टैक्स राहत के तौर पर नहीं देख रही है. बायोगैस खेतों की पराली, गोबर और शहरी कचरे से बनती है. इसका मतलब यह है कि कृषि कचरे के जलने से होने वाले प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी और शहरों के कचरे का बेहतर इस्तेमाल होगा. साथ ही, बायोगैस के बढ़ते उपयोग से भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी. 

ये भी पढ़ें: Budget 2026: बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ेगी इकोनॉमी! दुनिया के 165 देशों की जीडीपी से ज्यादा भारत का बजट