लखनऊ: आज से उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत मिल रही है. राज्य सरकार और यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने 1 दिसंबर 2025 से नई बिजली बिल माफी/राहत योजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य बकाए के बोझ से दबे घरेलू और छोटे व्यापारिक उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है. यह योजना खासतौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके पास लंबे समय से बकाया बिजली बिल हैं और जिनके कनेक्शन काट दिए गए हैं.
योजना का उद्देश्य और लाभ
सरकार ने पहली बार इतनी बड़ी छूट की घोषणा की है, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की संभावना है. इस योजना के तहत, उपभोक्ताओं को बकाए बिजली बिलों पर 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज माफी मिलेगी. इसके साथ ही, मूलधन यानी असली बकाए पर 25 प्रतिशत तक छूट भी प्रदान की जाएगी. इस राहत का लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके कनेक्शन कट चुके हैं या जिनके खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज हैं. इस योजना के माध्यम से, वे उपभोक्ता अपना कनेक्शन फिर से सक्रिय करवा सकते हैं और पुराने बकाए का भुगतान एक नई शुरुआत के साथ कर सकते हैं.
राहत योजना के तीन चरण
यह योजना 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, और इसके बाद उपभोक्ताओं को यह लाभ प्राप्त नहीं होगा.
पंजीकरण प्रक्रिया और भुगतान विकल्प
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को ऑनलाइन या नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा. पंजीकरण के बाद, निर्धारित शुल्क जमा करने पर उपभोक्ता के बकाए की गणना नई दरों पर की जाएगी, जिसमें ब्याज पूरी तरह से माफ होगा. इसके बाद, उपभोक्ताओं को अपनी बकाए राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने का विकल्प मिलेगा.
योजना का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि बिजली विभाग की राजस्व वसूली में भी तेजी आएगी. इससे बकाया न चुकाने या चोरी करने वाले उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन को फिर से वैध बनाने का एक आसान मौका मिलेगा. यह कदम राज्य में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा और उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत प्रदान करेगा.
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