Amethi: 65 लाख के मसालों से लदी गाड़ियां अयोध्या रवाना, तीन महीने तक कहां किया जाएगा इस्तेमाल; जानें

Amethi: 65 लाख के मसालों से लदी गाड़ियां अयोध्या रवाना, तीन महीने तक कहां किया जाएगा इस्तेमाल; जानें

अमेठी, न्यूज डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर में भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा (Ayodhya Ram Mandir) 22 जनवरी को होगी. इस दौरान तीन महीने चलने वाले भंडारे के लिए  अमेठी के राजेश अग्रहरि द्वारा सात गाड़ियों से लगभग 65 लाख का मसाला अयोध्या भेजा गया. यह मसाला (Rajesh Masala) अयोध्या में आयोजित भंडारे में इस्तेमाल किया जाएगा. इससे पहले भी राजेश अग्रहरि ने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण और द्वार निर्माण में कई करोड़ रुपए का सहयोग किया जा चुका है.

मसालों से लदी गाड़ियां अयोध्या रवाना

जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि (Rajesh Agrahari) ने सोमवार को मसालों से लदी गाड़ियों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. उन्होंने मीडिया को बताया कि 'आज हमने जो भी किया वह रामलाल की कृपा से हुआ है. मुझे वह दिन याद है जब 1990 में  25 कार सेवकों की टोली राम लला को जा रहे थी उनमें मैं भी शामिल था. जब वहां गोली चल रही थी तो हमारा जत्था 50 मीटर की परिधि में था. उस समय मेरे माता-पिता ने  घर में खाना पीना यहां तक चाय नहीं बनाई क्योंकि तीन दिन तक हमारी खबर नहीं मिली. उस समय दूरभाष के इतने साधन नहीं थे. जब भी रामलाल की कोई बात आती है. हम सदैव उसमें आगे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं.

'हम अपना सहयोग जारी रखेंगे'- राजेश अग्रहरि 

'आज हम लोगों का परम सौभाग्य है कि संविधान के दायरे में सरकार द्वारा प्रभु श्री राम के मंदिर का निर्माण हो रहा है. आज भगवान ने मुझे इस लायक बनाया है कि वहां जो 3 महीने लंगर चलेगा जिसमें करोड़ों लोग आएंगे. उनके भोजन प्रसाद के लिए हमको अवसर मिला.' उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें आदरणीय चंपत राय जी और हमारे गुरु गिरीश पर त्रिपाठी जी की कृपा से मिला है. उनके निर्देश पर आज सात गाड़ी मसाला अयोध्या में रामलाला  के लिए भेजी. आगे भी जो जरूरत पड़ेगी हम अपना सहयोग जारी रखेंगे.

जरूरत मंदों का सहयोग किया 

राजेश अग्रहरि ने आगे कहा कि 'आज नववर्ष के साथ साथ मेरा जन्म दिन भी है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निर्देश पर और अपने माता पिता जी से सीखे संस्कार से हमने जरूरतमंदों का सहयोग किया. केक काटने से बेहतर है कि किसी के दर्द को काटो. आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बीमारी से जूझ रहे लोगों और अन्य जरूरत मंदों का सहयोग किया है.'