Amit Shah Launch One District One Dish Scheme: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में नई योजना ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ODOC) का शुभारंभ किया. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक जिले के पारंपरिक और विशिष्ट खाने-पीने के व्यंजनों को एक अलग पहचान देना है. यह योजना राज्य सरकार की पहले से चल रही ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) पहल की तर्ज पर तैयार की गई है, जो स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करती रही है.
ODOC योजना के तहत प्रत्येक जिले का एक खास व्यंजन चिन्हित किया जाएगा और उसे बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि स्थानीय व्यंजन न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश और विदेशों में भी लोगों तक पहुंच सकें.
‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के पावन अवसर पर आज ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’, लखनऊ में आयोजित समारोह में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी के साथ सहभाग किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 24, 2026
इस अवसर पर माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री जी द्वारा ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना एवं 'सरदार पटेल औद्योगिक… pic.twitter.com/xkFsiyZHat
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में ODOC योजना की शुरुआत की गई. अधिकारियों का कहना है कि ODOP योजना की तरह ही, ODOC भी राज्य के खान-पान को वैश्विक मंच पर लाने का माध्यम बनेगी. ODOP योजना ने पहले ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न उत्पादों जैसे गोंडा की मुरब्बा, वाराणसी की सिल्क और आगरा की मिठाइयों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने में मदद की है. ODOC योजना भी इसी दिशा में काम करेगी, लेकिन इस बार यह फोकस पारंपरिक व्यंजनों और रेसिपीज़ पर रहेगा.
जिले-विशेष व्यंजनों और पारंपरिक रेसिपी को बढ़ावा
एक अधिकारी ने बताया कि ODOC योजना का मकसद जिले-विशेष व्यंजनों और पारंपरिक रेसिपीज़ को संरक्षित करना और उनका प्रचार-प्रसार करना है. इस पहल से स्थानीय हलवाई, छोटे खानपान उद्यमी और पारंपरिक कारीगरों को फायदा होने की उम्मीद है. उनके तैयार किए गए व्यंजन बड़े पैमाने पर बाजार में उपलब्ध होंगे और यहां तक कि वैश्विक ग्राहकों तक भी पहुंच सकेंगे.
अधिकारियों के अनुसार, ODOC योजना से स्थानीय भोजन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर स्थायी आजीविका के अवसर भी पैदा होंगे. छोटे व्यवसाय और पारंपरिक व्यंजन बनाने वाले परिवारों के लिए यह योजना रोजगार और आर्थिक स्थिरता का एक नया स्रोत साबित हो सकती है.
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख नेता
ODOC योजना की शुरुआत के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे. इस अवसर पर नेताओं ने इस पहल को राज्य के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में एक अहम कदम बताया.
स्थानीय और वैश्विक बाजार तक पहुंच
ODOC योजना के तहत हर जिले के व्यंजन की पहचान के लिए विशेष ब्रांडिंग, प्रमोशन और मार्केटिंग रणनीति तैयार की जाएगी. अधिकारी बता रहे हैं कि योजना के तहत स्थानीय व्यंजनों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, पर्यटन स्थलों और राष्ट्रीय-आंतरराष्ट्रीय मेलों में प्रमोट किया जाएगा. इससे न केवल व्यंजन लोकप्रिय होंगे, बल्कि पर्यटन और खानपान उद्योग को भी नई दिशा मिलेगी.
ODOC योजना उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और खाद्य विविधता को संरक्षित करने का एक बड़ा प्रयास है. इस पहल से राज्य के पारंपरिक व्यंजनों को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे.
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