8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनधारक इस वक्त जिस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वह है 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission). नवंबर में इसके गठन से जुड़ी अधिसूचना जारी होने के बाद से ही सरकारी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि नई सिफारिशें 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में लागू हो सकती हैं.
हालांकि वेतन आयोग से जुड़ी सबसे बड़ी बहस एक ही मुद्दे पर आकर टिक गई है- फिटमेंट फैक्टर. यही वह गणना है, जो यह तय करेगी कि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी और महीने के आखिर में उसकी जेब में कितनी रकम आएगी.
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है और क्यों है इतना अहम?
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी तय करने में फिटमेंट फैक्टर की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है. यह एक मल्टीप्लायर होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा किया जाता है.
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. इसी वजह से लेवल-1 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 7,440 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी. अब 8वें वेतन आयोग में इसी फैक्टर को लेकर सबसे ज्यादा रस्साकशी चल रही है.
संगठनों की मांग: फिटमेंट फैक्टर 3 से 3.5 तक हो
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने सरकार और नेशनल काउंसिल को भेजे गए पत्र में बड़ा प्रस्ताव रखा है. संगठन की मांग है कि ग्रुप A, B, C और D सभी कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर 3 से 3.5 के बीच रखा जाए.
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा. वहीं दूसरी ओर, यह भी चर्चा है कि सरकार वित्तीय बोझ को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को 2 तक सीमित रख सकती है. इन दोनों विकल्पों में सैलरी बढ़ोतरी का अंतर काफी बड़ा है.
अगर फिटमेंट फैक्टर 2 हुआ, तो कितनी बढ़ेगी सैलरी?
अगर सरकार अपेक्षाकृत सख्त रुख अपनाती है और फिटमेंट फैक्टर 2 तय करती है, तब भी कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
लेवल-1 (चपरासी/एंट्री लेवल कर्मचारी)
लेवल-10 (ग्रुप A अधिकारी)
लेवल-18 (कैबिनेट सेक्रेटरी स्तर)
फिटमेंट फैक्टर 2 होने पर सैलरी जरूर बढ़ेगी, लेकिन कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यह बढ़ती महंगाई के मुकाबले पर्याप्त नहीं होगी.
फिटमेंट फैक्टर 3 हुआ, तो सैलरी में जबरदस्त उछाल
अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की मांग मान लेती है और फिटमेंट फैक्टर 3 तय होता है, तो इसे कर्मचारियों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा.
लेवल-1 कर्मचारी
लेवल-10 अधिकारी
लेवल-18 (शीर्ष पद)
FNPO की रिपोर्ट में सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि पे मैट्रिक्स और भत्तों में भी बदलाव का सुझाव दिया गया है. यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों का जोर 3 या उससे ज्यादा के फैक्टर पर बना हुआ है.
25 फरवरी की बैठक पर टिकी हैं सबकी नजरें
अब सभी की निगाहें 25 फरवरी को होने वाली एक अहम बैठक पर टिकी हैं. FNPO के सदस्य शिवाजी वासिरेड्डी के मुताबिक, इस दिन नेशनल काउंसिल जॉइंट मॉनिटरिंग कमेटी (NCJMC) की महत्वपूर्ण बैठक होगी.
इस बैठक में सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को एक साथ समेटकर एक फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा. इसके बाद यह ड्राफ्ट 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा.
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